नए सिरे से आरक्षण में फिर बदल जाएगी तस्वीर
पडरौना। पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट के नए आदेश के बाद जिले में अधिकांश सीटों पर आरक्षण की स्थिति बदल जाएगी। सबसे अधिक दिक्कत एसटी श्रेणी के लिए आरक्षित होने वाली सीटों को लेकर आएगी। क्योंकि चार दिन पहले ही इस मामले में नया शासनादेश जारी हुआ था। नए आदेश में कहा गया था कि जिन ग्राम पंचायतों में एसीट प्रमाण पत्र धारी नहीं हैं, वहां का आरक्षण बदला जाएगा। इसके लिए गाइड लाइन भी जारी हुई थी लेकिन अब नए सिरे से पूरी कवायद करनी होगी।
पंचायत चुनाव के लिए 1003 ग्राम पंचायत, 1517 क्षेत्र पंचायत सदस्य व 61 जिला पंचायत सदस्यों का सीधे निर्वाचन होना है। इसके अलावा 12 हजार से अधिक ग्राम पंचायत सदस्य पद भी हैं, जिन पर सीधा चुनाव होता है। आरक्षण के लिए वर्ष 1995 को आधार मानकर चक्रीय क्रम में सीटों का निर्धारण किया गया था। हाईकोर्ट ने इसे निरस्त करते हुए अब वर्ष 2015 को आधार मानकर नए सिरे से आरक्षण निर्धारित करने का आदेश दिया है। इसके बाद से इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि आरक्षण की नई अंनंतिम सूची में बहुत कुछ बदलाव देखने को मिलेगा। पिछले चुनाव को आधार माना जाएगा तो चक्रीय क्रम में दो तिहाई से अधिक सीटों का आरक्षण बदलना तय है। नए आरक्षण में सर्वाधिक दिक्कत एसटी सीटों को लेकर होगा। क्योंकि शासन ने जहां एसटी श्रेणी के लोग नहीं हैं, वहां का आरक्षण बदलने का आदेश दिया है। इसके चलते एक बार फिर पूरे जिले में एसटी श्रेणी के लोगों की तलाश करनी होगी।
18 गांवों को लेकर खुद प्रशासन ने की थी आपत्ति
ग्राम प्रधान पद के लिए जिन 39 ग्राम पंचायतों को आरक्षण की अनंतिम सूची में शामिल किया गया था, उसमें से 18 ग्राम पंचायतों ऐसी थीं जिनमें एसटी जाति के प्रमाणपत्र धारक नहीं मिले थे। पंचायतीराज विभाग ने इस पर शासन से दिशा निर्देश मांगा था। पंचायतीराज निदेशक ने बीते 11 मार्च को नई गाइड लाइन जारी करते हुए निर्देश दिया था कि जहां एसटी श्रेणी का कोई प्रमाण पत्र धारी नहीं है, अथवा उस निर्वाचन क्षेत्र में कम से कम दो लोग एसटी श्रेणी के नहीं हैं, वहां का आरक्षण बदला जाएगा। प्रशासन अभी इसकी तैयारी में जुटा था कि हाईकोर्ट का नया निर्देश मिल गया। अब एसटी श्रेणी के लिए सीटें आरक्षित करने से पहले इस पर शासनादेश पर भी विचार करना होगा।
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एसटी श्रेणी के आरक्षण के लिए शासन की नई गाइड लाइन मिली है। इसके अलावा हाईकोर्ट के नए आदेश की भी सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी हुई है। परंतु अभी शासनादेश का इंतजार किया जाएगा। नया शासनादेश मिलने के बाद ही इस दिशा में अगली कार्रवाई शुरू होगी।
राघवेंद्र द्विवेदी, डीपीआरओ