समउर बाजार में लगाया गया सीसीटीवी कैमरा। संवाद
तमकुहीराज। क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों से बिहार में प्रवेश करने वाले मार्गों पर पुलिस की ओर से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों को लगाने करने का उद्देश्य शराब व पशु तस्करी और अन्य गतिविधियों के पर प्रभावी अंकुश लगाना है। बिहार जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पुलिस जरूरत से अधिक कई फेरा लगाने वाले वाहनों चिन्हित करेगी। पुलिस टीम तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सक्रिय है।
क्षेत्र के समउर, गंगुआ बाजार, डिबनी बंजरवा, सरेया, नैनुपहरू, हाईवे स्थित बहादुरपुर, हफुआ, तिनफेड़िया, अहिरौलीदान आदि रास्तों के माध्यम से तस्करी का सामान लेकर गुर्गे बिहार सीमा में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। इनकी निगरानी में पुलिस टीमें सक्रिय रहती हैं, बावजूद इसके तस्कर कार्रवाई की जद में नहीं आ पाते थे। इसके अलावा सीमावर्ती इलाकों में कुछ ऐसे भी पगडंडी रास्ते हैं, जिन रास्तों से तस्कर आसानी से बिहार सीमा में प्रवेश कर जाते हैं। कई बार तस्करी के धंधेबाजों के सहयोगी कुछ पुलिसकर्मी कार्रवाई की गुप्त सूचनाएं लीक कर देते हैं। कार्रवाई की सूचना मिलते ही तस्कर रूट परिवर्तित कर लेते हैं। तस्करी पर रोक लगाने के लिए तमकुहीराज पुलिस ने वर्ष 2022 में इलाके के बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगावए, लेकिन उचित देखरेख के अभाव में यूपी-बिहार बार्ड पर लगे कई कैमरे खराब हो गए, जिससे तस्कर बेखौफ होकर बिहार सीमा में तस्करी का सामान लेकर दाखिल होने लगे। जिले के सीमावर्ती थाना क्षेत्र के इलाकों में तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने बहादुरपुर, समउर बाजार, पिपरा घाट, अहिरौली दान, बहादुरपुर सहित विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए। इसके अलावा तमकुहीराज व तरयासुजान पुलिस ने बिहार में प्रवेश करने वाले सीमावर्ती इलाकों के रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। इन कैमरों में कैद होने वाली गतिविधियों पर निगरानी के लिए इंट्रीग्रेटेड रूम भी बनाया गया है। वहां पुलिस कर्मी की नियमित रूप से ड्यूटी लगाई गई है। तैनात पुलिसकर्मी संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर अफसरों को रिपोर्ट करते हैं। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों की मानिटरिंग भी की जा रही है। इसके कारण तस्कर रूट बदल कर तस्करी का सामान लेकर बिहार की सीमा में दाखिल हो रहे हैं। बावजूद तस्करों पर नकेल कसने के लिए पुलिस टीमें सक्रिय हैं।