सुकरौली। भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर कलावती देवी महिला महाविद्यालय में भारत विभाजन की त्रासदी एवं राजनीतिक परिस्थितियां विषय पर व्याख्यान एवं विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान के सहायक आचार्य एवं सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने कहा कि भारत विभाजन केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली मानवीय त्रासदी थी।
उन्होंने कहा कि विभाजन की ऐतिहासिक परिस्थितियों से सीख लेकर वर्तमान राजनीतिक एवं सामाजिक हालात के प्रति सजग रहना आवश्यक है। डॉ. सिंह ने लोकतांत्रिक संवाद, सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि अफवाहों और विभाजनकारी प्रचार से बचना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्राओं से इतिहास का तथ्यपरक अध्ययन कर समाज में शांति, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाने का आह्वान किया। महाविद्यालय के प्रबंधक पिंटू राव ने कहा कि विभाजन की स्मृति का उद्देश्य कटुता नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर समाज में भाईचारा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना है।