पडरौना। मेडिकल कॉलेज में दलालों के फैले मकड़जाल को तोड़ने के लिए कॉलेज प्रशासन अब पुलिस की मदद लेगा। प्राचार्य और गार्डों घेराबंदी के बाद भी दलालों की सक्रियता कम नहीं हुई है। रविवार की रात अचानक पहुंचे प्राचार्य को देख कैंपस में खड़ी एंबुलेंस लेकर चालक भाग गए, जबकि दो दलालों को गार्डों ने दबोच लिया। रविंद्र नगर पुलिस को बुलाकर प्राचार्य ने दोनों दलालों को सुपुर्द कर दिया। पूर्व में दलालों पर कार्रवाई भी हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्यकर्मियों की मिलीभगत से इस खेल पर विराम नहीं लग रहा है।
मेडिकल कॉलेज में अगर आप सस्ते इलाज की उम्मीद लेकर आ रहे हैं तो दलालों के चक्कर में न पड़े, नहीं तो जल्दी इलाज और बिना कतार में लगे जांच के नाम पर तीन से चार सौ रुपये देना पड़ जाएगा। ऐसा हर रोज हो रहा है और इस पर रोक नहीं लग पा रही है। दलालों का नेटवर्क गेट से लेकर ओपीडी, पैथालॉजी, एक्सरे कक्ष, दवा काउंटर, इमरजेंसी तक सक्रिय है। इलाज कराने वालों की इतनी भीड़ है कि एक मरीज को रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर डॉक्टर से दिखाने, दवा लेने व जांच कराने में पूरा दिन गुजर जा रहा है। करीब एक माह से मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य रात और दिन में औचक निरीक्षण कर दलालों का जाल तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन दलाल अपनी कारस्तानी से बाज नहीं आ रहे हैं।
रविवार की रात करीब दस बजे प्राचार्य इमरजेंंसी व एमसीएच विंग भवन महिला अस्पताल में पहुंचे, दलाल और प्राइवेट एंबुलेंस लेकर चालक भाग निकले, इमरजेंसी में तीन दलाल दबोच लिए, सूचना पर आई रविंद्र नगर पुलिस दोनों दलालों को हिरासत में ले लिया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन अब दलालों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस की मदद लेने की रणनीति बनाई है। इसके लिए एसपी को पत्र भी प्राचार्य लिखने की बात कही है।