हाटा। देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सुकरौली क्षेत्र के रामपुर सोहरौना गांव के रहने वाले वीर सपूत शहीद सत्यवान कुमार सिंह का पार्थिव शरीर रविवार जैसे ही जिले की सीमा रामपुर पहुंचा पूरा इलाका शहीद सत्यवान अमर रहें और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। इस दौरान हर आंख नम थी और हर चेहरा गर्व व दुःख से भरा हुआ था। गांव के समीप बगीचे में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई।
सत्यवान की शहादत की खबर के बाद से गांव में शनिवार से ही किसी घर में चूल्हा नहीं जला। उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। देशभक्ति से लबरेज माहौल और शोक की गहराई ने हर किसी को भावविभोर कर दिया। सुकरौली ब्लाॅक के रामपुर सोहरौना गांव के रहने वाले सीआरपीएफ सब इंस्पेक्टर सत्यवान कुमार सिंह शनिवार की सुबह झारखंड में हुए नक्सली हमले में शहीद हो गए। उनके शहादत की खबर जैसे ही गांव पहुंची कोहराम मच गया। गांव के आसपास के लोग उनके घर पहुंच गए।
उनका शव रविवार को गांव पहुंचा। सुबह से आसपास के गांव के युवाओं की दरवाजे पर भीड़ जुटने लगी थी। हाथ में तिरंगा लेकर बाइक सवार युवक हाईवे से लेकर गांव तक भारत माता और जब तक सूरज चांद रहेगा तब तक सत्यवान भईया तेरा नाम रहेगा का नारा लगाते नजर आए।
गमगीन माहौल के बीच गमजदा युवा का हौसला देख शहीद के परिवार के सदस्यों का हौसला बढ़ा रहा था।
रामपुर सोहरौना गांव के रहने वाले प्रेम सिंह के चार बेटों में दूसरे नंबर के बेटे सत्यवान कुमार सिंह वर्ष 2010 में सीआरपीएफ में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। कुछ वर्षों बाद उनका प्रमोशन हुआ और वह सब इंस्पेक्टर बन गए थे। वर्तमान समय में उनकी तैनाती झारखंड में थी।
शनिवार की सुबह नक्सल विरोधी तलाशी अभियान में उड़ीसा सीमा के पास जंगल में उनकी बटालियन गई थी। उसी दौरान नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट कर सीआरपीएफ टीम पर हमला कर दिया। इस घटना में सत्यवान गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।