पडरौना। कुड़वा दिलीपनगर मां कुलकुला देवी मंदिर और उसके पास से बहने वाली हिरण्यवती नदी के सफाई कार्य का डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने निरीक्षण किया। उन्होंने इन दोनों नदियों के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व को बताते हुए विकास कराने की बात कही।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मां कुलकुला मंदिर परिसर में साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था बनाने, श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, परिसर और नदी तट के सुंदरीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखना आवश्यक है, इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
उन्होंने सफाई कमियों को निर्देश दिया कि हिरण्यवती नदी को 500-500 मीटर के खंडों में विभाजित कर गुणवत्तापूर्ण सफाई कार्य करें। पर्यटकों की तरफ से फेंके गए प्लास्टिक अपशिष्ट को एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से उचित स्थान पर निस्तारित कराएं। डीएम ने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां ड्रोन सर्वेक्षण कराकर मशीनों की सहायता से नदी के सिल्ट और झाड़ियों की सफाई कराई जाएगी। साथ ही गांवों से नदी में गिरने वाले पानी को फिल्टर करने के लिए विभिन्न स्थानों पर चैंबर बनाए जाएंगे, जिससे नदी का जल प्रदूषित न हो और स्वच्छता बनी रहे।
डीएम ने तहसील प्रशासन को निर्देश दिया कि मंदिर परिसर एवं आसपास स्थित भूमि का नक्शा और विस्तृत विवरण प्रस्तुत करें ताकि पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए समुचित योजना तैयार की जा सके। उन्होंने ने बताया कि कुलकुला देवी मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए एस्टीमेट तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि खाली स्थानों को सुव्यवस्थित रूप से विकसित कर जनसुविधाओं का विस्तार किया जाएगा और पर्यटकों की सुविधा के लिए महिला व पुरुषों के लिए शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराई जाएगी। मंदिर परिसर में दो लाख पौधे लगाने की योजना है, जिनमें 10 हजार फलदार पौधे शामिल होंगे।
इस दौरान सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव, कसया तहसीलदार धर्मवीर सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी, डीसी मनरेगा राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।