- बेतिया-सेवरही सड़क निर्माण के जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में आई तेजी
-अधिकारियों ने सुनीं समस्याएं, दस्तावेजी त्रुटियों के निस्तारण पर जोर
तमकुहीरोड। गंडक नदी के रास्ते उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाली प्रस्तावित बेतिया-सेवरही सड़क निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आई है। भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों के निस्तारण और मुआवजा भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्य से सोमवार को ठकरहा प्रखंड मुख्यालय पर विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में भू-स्वामी पहुंचे और अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखा।
भू-अर्जन विभाग के निर्देश पर आयोजित शिविर में किसानों ने मुआवजा भुगतान, भूमि अभिलेखों तथा राजस्व अभिलेखों से संबंधित विभिन्न समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। सबसे अधिक शिकायतें पुराने खतियान, जमाबंदी और लगान रसीदों से जुड़ी सामने आईं। कई किसानों ने बताया कि उनके पास भूमि संबंधी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, जबकि कुछ की जमाबंदी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। वहीं कई किसानों की वर्षों पुरानी लगान रसीदें भी नहीं मिल रही हैं, जिसके कारण उनका मुआवजा भुगतान लंबित पड़ा है।
किसानों ने बताया कि समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें बार-बार अंचल और जिला कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान से जुड़े मामलों का स्थानीय स्तर पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि अनावश्यक दौड़-भाग से राहत मिल सके। शिविर में किसानों की समस्याएं सुनने के बाद बेतिया के अपर जिला भू अर्जन पदाधिकारी बीएन राव ने कहा कि अंचल अधिकारियों के माध्यम से नियमानुसार सभी मामलों का निपटारा कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों में त्रुटि सुधार, एलपीसी निर्माण और मुआवजा भुगतान प्रक्रिया को गति देने के लिए सप्ताह के अंत में एक और विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें शेष मामलों की सुनवाई और निष्पादन किया जाएगा। शिविर में कनीय अभियंता रामबाबू राम, डाटा एंट्री ऑपरेटर गोलू कुमार, भू अर्जन अमीन चंचल कुमार श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।