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Kushinagar News: विवेचक ने वादी और परिजनों से भी नहीं किया संपर्क

Tue, 19 Nov 2024 02:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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खड्डा। पीआरडी जवान रमाकांत तिवारी की हत्या को 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन इस मामले में विवेचक ने न तो वादी से ही संपर्क किया है और न ही परिजनों से किसी मसले पर बातचीत ही की है। एसपी व एएसपी से की गई शिकायत के बाद भी ठोस कार्रवाई के नतीजे सामने नहीं आ सके हैं। इससे मृतक के परिजनों में मायूसी छा गई है। परिजनों का कहना है कि उस वक्त अफसरों ने कार्रवाई के तमाम दावे किए, लेकिन अब तक मामले में जो मांग की गई थी, उसे भी पूरा नहीं किया जा सका है।
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नौ नवंबर को हनुमानगंज थाना क्षेत्र के छितौनी कस्बे में ड्यूटी के दौरान पीआरडी जवान व किसान नेता रमाकांत तिवारी की एक सिरफिरे युवक ने धारदार हथियार से वार कर मौत के घाट उतार दिया था। वर्दी पहने एक जवान की निर्मम हत्या ने पुलिस की सक्रियता की पोल खोलकर रख दी। सोमवार को मृतक रमाकांत तिवारी का दशगात्र था। उनके पुत्र मनोज तिवारी, जो खुद पीआरडी जवान हैं, का कहना है कि 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यह नहीं बताया गया कि विवेचना कौन कर रहा है।
कोई सीओ को बता रहा है तो कोई वर्तमान हनुमानगंज इंस्पेक्टर को विवेचक के रूप में नाम ले रहा है। मुकदमे के विवेचना के सिलसिले में किसी ने आकर कोई जानकारी न ली है और न दी है। तहरीर फाड़ने व अपने मन से तहरीर लिखवाने वाले लोगों पर भी कार्रवाई नहीं हो सकी है। पिछले सप्ताह मंगलवार को एसपी से मिलकर एक पत्र दिया गया था, जिसमें एसओ अजय पटेल को साजिशकर्ता बताने के साथ ही कई प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग भी की गई थी, लेकिन अजय पटेल को मात्र लाइन हाजिर करके इस पत्र को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
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एएसपी से भी हुई वार्ता में पुलिस की लापरवाही समेत अन्य बिंदुओं की जांच व त्वरित कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन दस दिन का समय बीतने के बाद न तो आश्वासनों को पूरा ही किया गया है और न ही कार्रवाई की मांग ही पूरी हो सकी है। मुकदमे में वादी बनाए गए पीआरडी जवान आनंद उर्फ नन्हे तिवारी, जो घटना के दिन रमाकांत तिवारी के साथ थे तथा रिश्ते में उनके भतीजे लगते हैं, ने बताया कि अब तक किसी ने भी विवेचना के लिए उनसे संपर्क नहीं किया गया है।
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