पडरौना नगर के रामकोला रोड पर बस से उतर कर ईवीएम जमा करने पैदल जाते कर्मचारी।
कुशीनगर। देश की नई सरकार सुनने को लेकर मतदाताओं में उमंग और उत्साह देखने को मिला। हालांकि, तमाम प्रयास के बावजूद 57.29 फीसदी ही मतदान हो सका, जो साल 2019 की तुलना में 2.38 प्रतिशत कम रहा। एक जून को सुबह सात बजे से मतदान शुरू होने के बाद ही पोलिंग बूथों पर वोटरों की तादाद और मतदान का ग्राफ बढ़ता गया। सुबह नौ बजे तक 13.05 फीसदी मतदान हुआ था। दिन चढ़ने साथ-साथ मतदान का ग्राफ बढ़ता गया। 11 बजे तक 28.6 फीसदी और दोपहर एक बजे तक 39.72 फीसदी और तीन बजे तक 48.47 फीसदी तक मतदान हुआ था। शाम छह बजे तक 57.29 फीसदी कुशीनगर लोकसभा के 1875215 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बूथों पर मतदान से पहले ईवीएम की खराबी से लेकर बूथों पर विवाद की सूचनाएं चुनाव कंट्रोल में आती रहीं। इतनी तैयारियों और मेहनत के बावजूद मतदान का प्रतिशत कम होने का मलाल अफसरों के चेहरे पर झलक रहा था।
छिटपुट घटनाओं और पुलिस प्रशासन की चौकसी के बीच कुशीनगर लोकसभा क्षेत्र में मतदान हुआ। लू और गर्मी से बचाव के इंतजाम के साथ प्रशासन दौड़ता रहा। शहर के बूथों से ज्यादा भीड़ सुबह गांवों के बूथों पर रही। यूथ और महिला वोटर लोकतंत्र के पर्व में अपनी जिम्मेदारी निभाने में सक्रिय दिखे। जिले में रहने वाले अधिकांश वोटरों का मतदाता सूची से नाम गायब होने के चलते वह वोट नहीं दे सके। पोलिंग बूथ पर पहुंची घूंघट की ओट में महिलाओं ने ईवीएम का बटन दबाकर वोट का चोट किया। मतदान सकुशल संपन्न कराने में सुरक्षा बल के जवानों के साथ-साथ स्काउट गाइड के छात्रों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुबह से ही भाजपा, सपा, बसपा समेत विभिन्न दलों के एजेंटों की मौजूदगी में मॉक पोल किया गया। इसके बाद सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। वैसे तो कई बूथों पर सुबह मतदान करने वाले लोगों में महिला वोटर अधिक दिखी। लेकिन 9 बजे के बाद पुरुष वोटरों की भीड़ बढ़ती गई। मतदान के दौरान प्रक्षेक, जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, प्रभारी मतदानकर्मी, सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट भ्रमण कर मतदान की पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखे रहे।