- सुप्रिया के पति का बयान दर्ज करने के बाद परिवार के सदस्यों से अलग-अलग ली जानकारी
- तमकुहीराज सीएचसी में प्रसव के बाद महिला की हुई थी मौत, डीएम से भी हुई है शिकायत
तमकुहीराज। बीते दिनों दिनों तमकुहीराज सीएचसी के जच्चा-बच्चा केंद्र पर प्रसव कराने आई नगर पंचायत के वार्ड नंबर-7 (सरदार पटेल नगर) निवासी शिक्षक सुप्रिया पटेल की प्रसव के बाद मौत हो गई। इस मामले की जांच कर रही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को पीड़ित के घर पहुंचकर परिजनों का बयान दर्ज किया। नोडल अधिकारी डाॅ. रामदास कुशवाहा के नेतृत्व में आई टीम ने सुप्रिया के माता, पिता, सास, ससुर और पति से घटना के बारे में अलग-अलग बयान दर्ज किया और न्याय का भरोसा दिलाया।
तमकुहीराज कस्बा के वार्ड नंबर-7 (सरदार पटेल नगर) निवासी शिक्षिक सुप्रिया पटेल की सीएचसी तमकुहीराज में 22 मई को प्रसव के बाद हुई मौत के मामले में बीते एक सप्ताह से गहमा-गहमी चल रही है। पीड़ित परिवार के साथ कांग्रेसी नेताओं व स्थानीय लोग ने सीएचसी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही एवं गलत इलाज के कारण शिक्षिका की मौत होने का हवाला देकर कार्रवाई की मांग कर रहे है। पीड़ित परिजनों ने घटना के दो दिन बाद तमकुहीराज पुलिस को लिखित तहरीर देकर सीएचसी अधीक्षक एवं महिला चिकित्सक पर केस दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद इंस्पेक्टर तमकुहीराज ने सीएमओ कुशीनगर को पत्र भेजकर मामले में जांच आख्या रिपोर्ट से अवगत कराने की मांग की थी।
वहीं, घटना को लेकर परिजनों के साथ स्थानीय लोगों ने कस्बे में न्याय यात्रा व डीएम कुशीनगर के कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर मामले में सीएचसी के जिम्मेदारों को कसूरवार ठहराकर कार्रवाई की मांग भी की गई। मामले में सीएमओ डिप्टी सीएमओ डाॅ. रामदास कुशवाहा की अगुवाई में डाॅ. अखिलेश कुमार, डाॅ. रेनू मिश्रा एवं डाॅ. मुकेश यादव की चार सदस्यीय टीम को नामित कर तीन दिन के अंदर आख्या रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद शुक्रवार को मामले की जांच और बयान के लिए डाॅ. आरडी कुशवाहा की अगुवाई में पीड़ित परिजनों के घर पहुंची दो सदस्यीय टीम ने घटना के मामले में मृतका के माता-पिता, सास-ससुर व पति से घटना की विस्तृत जानकारी ली। जांच टीम ने पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।