तुर्कपट्टी। कर्नाटक के मैसूर जिले के कृष्णराज नगर में कावेरी तट स्थित श्री यडथोरे योगानंदेश्वर सरस्वती मठ के पीठाधीश्वर श्रीशंकरा भारती महास्वामी शुक्रवार को ऐतिहासिक गुप्त कालीन सूर्य मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने भगवान सूर्य की प्रतिमा का पूजा अर्चना किए। इसके बाद वे बिहार के रास्ते उत्तर भारत के तरफ प्रस्थान कर गए।
करीब एक दर्जन अनुयायियों के साथ पीठाधीश्वर श्री शंकरा भारती सुबह 11:30 बजे पौराणिक सूर्य मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ लगभग आधे घंटे तक विधिवत पूजा पाठ किया। उन्होंने बताया कि वह आदि गुरु शंकराचार्य के पद चिह्न जहां-जहां पड़े हैं। वहां-वहां जा रहे हैं। बकायदा इसका डॉक्यूमेंटेशन भी कराया जा रहा है। इसी क्रम में दक्षिण भारत में स्थित मठ से यात्रा की शुरुआत की गई। पश्चिम भारत, उत्तर भारत होते हुए अब पूर्वोत्तर भारत के तरफ प्रस्थान किया जा रहा हैं। उधर से पुनः दक्षिण भारत के लिए प्रस्थान किया जाएगा। यह सूर्य स्थल भी पौराणिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। सूर्यप्रतिमा की दिव्यता बेहद मनोहारी है। इसलिए ऐसे स्थलों को भी यात्रा का हिस्सा बनाया गया है। इस दौरान विनोद तिवारी, वीरेंद्र शाही, संतोष गोंड आदि ने मंदिर में सभी आगतों का स्वागत किया।