छोटी गंडक नदी पुल पर क्षतिग्रस्त एक्सपेंशन जोड़ का लोहे का गर्डर।स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। एनएच-28 स्थित छोटी गंडक नदी के पुल के एक्सपेंशन जोड़ में लगा लोहे का गर्डर क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते तेज रफ्तार वाहनों से हादसे खतरा है। इसके बावजूद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इसकी सुध नहीं ले रहा है। इस पुल से 24 घंटे छोटे-बड़े व मालवाहक वाहन गुजरते रहते हैं।
वर्तमान में एनएच-28 स्थित हेतिमपुर में छोटी गंडक नदी पर बने दो पुलों से वाहनों का आवागमन हो रहा है। इसमें पुराने पुल से गोरखपुर की तरफ से बिहार जाने वाले वाहनों का आवागमन होता है,जबकि नए पुल से बिहार से होकर गोरखपुर व लखनऊ जाने वाले वाहनों का आवागमन होता है। इसमें पुराने पुल के पूर्वी छोर पर एक्सपेंशन जोड़ में लगा लोहे का गर्डर क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे उसका ऊपरी हिस्सा धारदार हो गया है। इससे तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों से खतरा होने का अंदेशा बना हुआ है। बता दें कि अभी कुछ महीने पहले एनएचएआई की तरफ से पूरे पुल में क्षतिग्रस्त एक्सपेंशन जोड़ों को मरम्मत कराकर ठीक कराया गया था। इसके बावजूद दोबारा एक्सपेंशन जोड़ के गर्डर का ऊपरी हिस्सा टूट गया है। बड़े वाहनों की अपेक्षा छोटे वाहनों के गुजरने के दौरान टायर फटने व हादसे का खतरा है।
00000
पुल के एक्सपेंशन जोड़ और क्षतिग्रस्त गर्डर का निरीक्षण किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। मरम्मत कार्य के लिए जल्द ही जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। क्षतिग्रस्त गर्डर को तकनीकी टीम की देखरेख में बदलने व ठीक कराने का काम शुरू कराया जाएगा। -ललित प्रताप पाल, पीडी, एनएचएआई, गोरखपुर