हाटा। नगर पालिका वार्ड नंबर 20, गोपालपुर मोहल्ले में बुधवार का दिन ऐसा दर्द लेकर आया, जिसे सुनकर पूरा मोहल्ला सन्न रह गया। फरीदाबाद में एक निजी कॉलेज में डायरेक्टर के पद पर तैनात दिनेश तिवारी और उनके बेटे निकेत का शव जैसे ही घर पहुंचा माहौल गमगीन हो गया। एक साथ बाप-बेटे की चिता जली तो पूरा मोहल्ला रो पड़ा।
चार दिन पहले ही दिनेश तिवारी अपने बेटे निकेत और बेटी इशिता के साथ फरीदाबाद से गांव आए थे। एक वर्ष बाद वह परिवार सहित घर लौटे थे।
घर से फरीदाबाद जाते समय लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर उनकी कार एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसा इतना खतरनाक था कि दिनेश तिवारी और उनका बेटा निकेत मौके पर ही दम तोड़ बैठे। वहीं बेटी इशिता गंभीर रूप से घायल हो गई, जो अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
बुधवार दोपहर बाद जब दोनों का शव गांव पहुंचा तो परिवार वालों की चीखे सुनकर पूरा मोहल्ला गम में डूब गया। रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने नम आंखों से दोनों का अंतिम दर्शन किया। दिनेश तिवारी की पत्नी का निधन आठ वर्ष पहले ही हो चुका था। तब से वह अपने बेटे और बेटी के साथ फरीदाबाद के कोसी इलाके में रहते थे।
बेटा निकेत बीटेक कर रहा था, जबकि बेटी इशिता भी पढ़ाई में होनहार थी। परिवार का पूरा भविष्य इन बच्चों पर टिका था, जो एक ही पल में बिखर गया। बुधवार को हेतिमपुर मुक्तिधाम पर जब बाप-बेटे की चिता एक साथ जलाई गई तो हर कोई रो पड़ा।