बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की तैयारी करते वनकर्मी। संवाद
खड्डा। क्षेत्र के कोपजंगल गांव के टोला छपिया में पांच दिन से दहशत फैलाए बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग की तरफ से हर संभव प्रयास किया जा रहा है। विभाग के कर्मचारी अब बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की तैयारी में है। इसके लिए जगह की तलाश की जा रही है।
खड्डा क्षेत्र के कोपजंगल गांव के आसपास दहशत का पर्याय बने बाघ व हिंसक जानवर को पकड़ने के लिए वन विभाग पिंजड़ा लगाने की कवायद कर रहा है। हालांकि 20 घंटे से जानवर की कोई हरकत नहीं देखी गई है। इसके बावजूद लोगों में भय व्याप्त है। गांव के छपिया टोला में बकरे का शिकार करने व एक बकरी घायल करने और महिलाओं व एक व्यक्ति से आमना सामना होने के बाद लोगों में भय व्याप्त हो गया है।
गांव आसपास के लोग घर से बाहर सरेह में अकेले निकलने में संकोच कर रहे हैं। रात के समय मवेशियों व बच्चों की सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित हैं। लोगों की लगातार मांग के बाद वन विभाग की नींद खुली है। जानवर को पकड़ने के लिए वन विभाग की तरफ से पिंजड़ा लगाने की शुरू कर दी है।
वन विभाग स्थानीय ग्रामीणों के साथ विचार विमर्श कर जानवर के लोकेशन के आधार पर पिंजड़े को लगाएगा। ग्राम प्रधान यशवंत कुशवाहा, जोगिंदर कुशवाहा, सत्येंद्र कुशवाहा, जहीर अली, लालू कुशवाहा, बनईं यादव, त्रिलोकी, मनोज पप्पू, रामभुआल आदि का कहना है कि जानवर के डर से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वन विभाग की टीम पिंजड़ा लगा रही है। इसके बावजूद भय बना हुआ है।