सियार को खोजते वनकर्मी। स्रोत-सोशल मीडिया
मंसाछापर। जटहा बाजार थाना क्षेत्र के हिरनही गांव में सोमवार को पूरे दिन वन विभाग की टीम जमी रही और देर शाम तक कांबिंग की, लेकिन सियार का पता नहीं चला। गांव वालों को टीम ने सतर्क रहने को कहा है। सियार की दहशत दूसरे दिन भी गांव वालों में दिखी। घरों से बच्चों को लोग नहीं निकलने दे रहे हैं, खुद हाथों में डंडा लेकर घरों से बाहर निकल रहे हैं। वहीं सियार के हमले से घायल तीनों लोग मेडिकल कॉलेज से इलाज कराने के बाद सोमवार को घर आ गए।
सोमवार को डिप्टी रेंजर अमित तिवारी, कांस्टेबल संदीप पटेल और टीम ने दोबारा कांबिंग कर ग्रामीणों को सतर्क रहने, अकेले खेतों की ओर न जाने और जरूरत पड़ने पर समूह में जाने की सलाह दी। गांव में वन विभाग की टीम लगातार मौजूद है। सोमवार की शाम तक भी सियार दिखाई नहीं दिया, जिससे ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। लोग खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं और जरूरत पड़ने पर लाठी-डंडा लेकर ही निकल रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि सियार पागल लग रहा था, लोगों के चेहरे पर ही हमला कर रहा है। जब तक पकड़ा नहीं जाएगा, तब तक डर बना हुआ है। घरों से लोग बिना काम से निकलने या खेतों के तरफ से जाने से डर रहे हैं।
डिप्टी रेंजर अमित तिवारी ने कहा कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम पहुंची और काबिंग की, लेकिन सियार कही नहीं दिखा। सोमवार को मैं खुद टीम के साथ पहुंचा और लोगों को सतर्क रहने की अपील भी किया। गांव में टीम नजर बनाए हुए है।