पडरौना। जिले में एनएच-27 (पुराना एनएच-28) पर कुशीनगर में जेटी बाबू तिराहे और गोपालगढ़ में बने फ्लाईओवर में निर्माण एजेंसी की तरफ से मरम्मत कार्य के दौरान एक्सपेंशन ज्वाइंट को डामर की नीच दबा दिया गया था। जिसे अब उखाड़कर की फिर से मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। इसके चलते फ्लाईओवर के एक ही लेन से वाहनों का आवागमन हो रहा है। एनएचएआई के अनुसार, यह कार्यदायी एजेंसी की लापरवाही है। हालांकि की इन दोनों फ्लाईओवरों से वाहनों के आवागमन शुरू होने के बाद से ही कुछ न कुछ दिक्कतें सामने आती रही हैं। जबकि कार्यदायी एजेंसी आई कमियों क अनुरक्षण कार्य का हवाला देकर ठीक करने का काम करती रही है। बता दें कि एनएच-27 स्थित जेटी बाबू तिराहा व गोपालगढ़ में करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण कार्य कराया गया है।
इनसे वाहनों की आवाजाही भी चालू है। इन दोनों फ्लाईओवरों को जेके इंजीकाॅन प्राइवेट लिमिटेड ने बनवाया है। इनके अनुरक्षण कार्य के लिए अवधि 10 वर्ष निर्धारित है। इस अवधि के बीच कोई कमी व खराबी आने पर ठीक कराने की जिम्मेदारी है।
लेकिन अभी बीते नंवबर 2025 में फ्लाईओवर में जगह-जगह गड्ढे व पड़ी दरारों को ठीक करने का काम किया गया था। इस दौरान भी एक्सपेंशन ज्वाइंट से जुड़ा मरम्मत कार्य कराया गया था। जिसमें एजेंसी ने फ्लाईओवरों में एक्सपेंशन ज्वाइंट को डामर से नीचे दबा दिया। इसके बाद जब वाहनों का आवागमन शुरू हुआ तो फिर से दिक्कतें सामने आई। एनएचएआई की तकनीकी टीम ने दौरा कर निरीक्षण किया तो दोनों फ्लाईओवरों में ज्वाइंट डामर से ढका हुआ मिला। जिसे तत्काल ऊपर कराने के लिए संबंधित कार्यदायी एजेंसी को निर्देश दिया गया। इस पर एजेंसी ने पहले गोपालगढ़ और मौजूदा समय में कुशीनगर फ्लाईओवर पर काम कर रही है। जिसे करीब एक सप्ताह में पूरा करने की उम्मीद जताई जा रही है। यही नहीं वर्ष 2024 में आवागमन शुरू होते ही सड़क में गड्ढे बन गए थे। जिनकी मरम्मत कराई गई थी।