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तीन युवकों की मौत से मची चीख-पुकार, नहीं जले चूल्हे

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कुशीनगर के अवरही कृत पूरा गांव में मार्ग दुर्घटना के पूर्व मेहड़ा गांव में तिलक में शामिल हुए थे ? - फोटो : KUSHINAGAR
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तीन युवकों की मौत से मची चीख-पुकार, नहीं जले चूल्हे
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कप्तानगंज (कुशीनगर)। अवरही कृतपुरा गांव के जिन तीन युवकों की सड़क हादसे में मौत हुई वे गहरे मित्र थे। दिनभर साथ रहना, आना-जाना भी साथ था। तीनों ही अपने परिवार की उम्मीद थे, लेकिन हादसे ने इनके घरों की खुशियों को ग्रहण लगा दिया। सोमवार को पूरा दिन इस गांव में मातमी सन्नाटा छाया रहा।
तिलक समारोह से लौटते वक्त सड़क दुर्घटना में घायल होने और बाद में मौत की सूचना जैसे ही लोगों को मिली तो पूरा गांव अस्पताल की तरफ दौड़ पड़ा। सुबह पूरे क्षेत्र में तीन युवकों की मौत की खबर फैल गई। इन युवकों के परिचितों समेत तमाम हियुवा कार्यकर्ता भी कप्तानगंज सीएचसी पहुंच गए। हियुवा जिलाध्यक्ष संजय सिंह मुन्ना, तहसील अध्यक्ष बैजनाथ गुप्ता, ब्लॉक अध्यक्ष विशाल सिंह, विजय कन्नौजिया, राजेश साहनी, मनिंदर अग्रहरि, कुलदीप, दिलीप पांडेय, राजेंद्र गुप्ता आदि परिजनों को सांत्वना देने में लगे हुए थे। हादसे के चलते सोमवार को गांव के लोग व्यथित थे। अधिकांश लोग अस्पताल चले गए थे। महिलाओं और बुजुर्गों के चेहरे उदास थे। लोगों का कहना था कि तीनों युवकों का व्यवहार बेहद अच्छा था। पारिवारिक व धार्मिक आयोजनों में भी तीनों एक साथ बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे। लोग इतने दुखी थे कि अधिकांश घरों में भोजन तक नहीं बना। तीनों युवकों के घर महिलाओं और रिश्तेदारों की भीड़ लगी थी।
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जीवन में बड़ा मुकाम हासिल करना चाहते थे
सड़क हादसे में मृत प्रिंस दो भाइयों में छोटा था। बड़े भाई विनय एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैं। 75 वर्षीय पिता रामअधीन किसान हैं। मां सुभावती देवी बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद से ही विलाप कर रही हैं। दूसरा मृतक गणेश दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई विशाल पढ़ाई करता है और पिता खेती करते हैं। मां बरफा देवी बेटे का शव देखकर बेहोश हो गईं। तीसरा मृतक अशोक भी दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई संतोष इस वर्ष इंटर का परीक्षार्थी है। अशोक की मां बिंदा देवी पुत्र का शव देख चीख पड़ीं। ग्राम प्रधान रामज्ञा निषाद का कहना था कि तीनों युवक बेहद मेनहती और मिलनसार थे। घर संभालने के साथ-साथ तीनों रोजगार की तलाश में लगे थे।
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