पडरौना। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर शनिवार को सुबह से शाम तक शहर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम दिखा। शहर के मंदिरों और पंडालों में शुक्रवार की रात 12 बजे श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव के बाद शनिवार को पूरे दिन श्रद्धालु दर्शन करते रहे। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक विविध कार्यक्रम हुए।
शहर के पुलिस लाइन कोतवाली परिसर के अलावा शहर के साहबगंज स्थित खाटू श्याम मंदिर, बुढ़िया माई मंदिर, बावली चौक, कोतवाली रोड, कसेरा टोली, बेलवा चुंगी, भारतीय शिवाला मंदिर, दरबार रोड, रामलीला मैदान छुछिया गेट, साहबगंज, नौका टोला, छावनी स्थित महादेव मंदिर और जगदीशपुरम कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी सजाई गई थी। इन सभी मंदिर और पंडालों में सुबह हवन पूजन के बाद देर शाम तक भजन-कीर्तन हुए। कसया के इस्कान मंदिर में पूरे रात भजन कीर्तन चला। विधायक पीएन पाठक और पूर्व विधायक रजनीकांत मणि भी शामिल हुए।
जोकवा बाजार संवाद के अनुसार फाजिलनगर स्थित श्री राम जानकी मंदिर परिसर में शुक्रवार की रात श्री कृष्ण जन्माष्टमी के बाद शनिवार को झांकी और दही हांडी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। कृष्ण और राधा बने युवक युवती ने अपने नृत्य से समा बांध दिया। मटका फोड़ प्रतियोगिता में तीन टीमों ने हिस्सा लिया। मंदिर के महंत बलराम दास त्यागी ने सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। इस दौरान राणाप्रताप सिंह, अमरेश सिंह, गुलाब सिंह, ललका बाबा, मंजीत सिंह, शिवसागर सिंह आदि मौजूद रहे।
खड्डा संवाद के अनुसार कुशीनगर सांसद विजय कुमार दुबे ने शनिवार को पैतृक गांव मठिया बुजुर्ग स्थित ठाकुर जी की मंदिर में सपरिवार हवन-पूजन किया। सांसद ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से सभी के जीवन में प्रेम, सद्भाव और खुशहाली बनी रहे। यही उनकी मंगलकामना है।
पटहेरवा संवाद के अनुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को थाना परिसर में विधिवत पूजन अर्चन किया गया। शाम को आयोजित प्रसाद कार्यक्रम में क्षेत्र के संभ्रांत लोग शामिल हुए।
धर्म और न्याय का अनुपम उदाहरण है कृष्ण का जीवन
कसया। हरेकृष्ण मंदिर में शुक्रवार को कृष्ण जन्म महोत्सव का आयोजन हुआ। इस मौके पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें बाल कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों पर आधारित लघु नाटक, गीत और नृत्य प्रस्तुत किए।
कथा व्यास गोविंद गोपाल दास ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, सादगी, विनम्रता और मित्रता का अनुपम उदाहरण है। मनुष्य को परिणाम की चिंता किए बिना अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। महाभारत में सर्वशक्तिमान होने के बावजूद श्रीकृष्ण ने अर्जुन के सारथी की भूमिका निभाकर विनम्रता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने मित्रता में कभी ऊंच-नीच का भेद नहीं किया और अपने मित्रों के सुख-दुख में साथ खड़े रहे। जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, मनुष्य को सत्य, धर्म और न्याय का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। कार्यक्रम में विधायक पीएन पाठक, पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी, नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश जायसवाल, पूर्व अध्यक्ष कृष्ण कुमार, डॉ. अनिल सिन्हा, डॉ. योगेश मद्धेशिया, डॉ. भावना गुप्ता, ओमप्रकाश जायसवाल और सभासद राजेश मद्धेशिया ने व्यास पीठ का पूजन और आरती की।
इस दौरान ईओ अंकिता शुक्ला, उमेशचंद गुप्त, उमेश गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, डॉ. कमलेश सिंह, विजय सिंह, राजू जायसवाल, विनोद जायसवाल, राजन जायसवाल, अमन मद्धेशिया, अमित जायसवाल, राजेश जायसवाल, रवींद्र सिंह, रंजीत जायसवाल, संजय मद्धेशिया, विजय गुप्ता, सुधा रानी जायसवाल, सुनीता जायसवाल आदि मौजूद रहे।
धूमधाम से मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी
तमकुहीरोड। सेवरही क्षेत्र के मंदिरों में शुक्रवार को रात में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया। गंडक कालोनी और रामजानकी मंदिर में जगराता कलाकारों की ओर से प्रस्तुत भक्ति गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते नजर आए। सेवरही में मंदिरों व घरों में आयोजन हुआ। इसके लिए क्षेत्र के श्री राधा कृष्ण मंदिर मालवीय नगर,थाना परिसर स्थित श्रीकृष्ण मंदिर, राम जानकी मंदिर पुरानी पुलिस चौकी चौराहा, विश्वकर्मा मंदिर जवाहर नगर, शिवाघाट, गंडक कालोनी, राजपुर बगहा, टिकुलिया, सुमही संतपट्टी, जगदीशपुर,ब्रह्मपुर,पिपराघाट, जंगली पट्टी,रानी गंज, पिरोजहा,राजपुर खाश, तिवारी पट्टी,अजय नगर आदि गांवों में भी बड़े धूमधाम से मनाया गया और घंटी,शंख और घड़ियाल बजते रहे। महिलाओं ने सोहर गाया। देर रात तक भजन आयोजित कर प्रसाद वितरित किए गए। गंडक कालोनी व राम जानकी आकर्षक ढंग से सजा कर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। मंदिरों में भजन कीर्तन व पूजा पाठ का आयोजन किया गया।