कप्तानगंज। स्थानीय तहसील में तैनात राजस्व लिपिक हेमंत कुमार की मौत का मामला डीएम तक पहुंच गया है। आरोप है कि तहसीलदार ने शनिवार को डांट दिया और नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांग लिया था।
इससे राजस्व लिपिक की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। कर्मचारियों में इसे लेकर आक्रोश है। सोमवार को कर्मचारियों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा को सौंपा और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। लिपिक के मौत की चर्चा तहसील में दूसरे दिन भी होती रही। कप्तानगंज तहसील के राजस्व कर्मियों ने शोकसभा का भी आयोजन किया।
कप्तानगंज तहसील कार्यालय में तैनात राजस्व लिपिक हेमंत कुमार का कसया अपने आवास पर शनिवार को रात करीब 11 बजे तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी। मामले को लेकर उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ पडरौना के कार्यवाहक अध्यक्ष बीके पाठक और कार्यवाहक मंत्री अजय लाल कर्ण की अगुवाई में सभी कर्मचारियों ने सोमवार को एक शोकसभा का आयोजन किया।
इसके बाद डीएम को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा को सौंपा और इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि मृतक के परिजनों से यह जानकारी मिली है कि राजस्व लिपिक हेमंत कुमार की मौत तहसील के अधिकारियों की प्रताड़ना के कारण हुई है। वह दो से तीन पटल का काम प्रतिदिन करते थे, इसके चलते वह तनाव में रहते थे।
संघ इसकी निंदा करता है। राजस्व लिपिक की मौत को लेकर डीएम से उच्च स्तरीय जांच कराते हुए दोषी अधिकारी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान विनोद कुमार पासवान, बृजेश लाल श्रीवास्तव, राजेश कुमार, राकेश गौतम, संजय भारती, अशोक लाल श्रीवास्तव, रवि लाल श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह, संजय श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।