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Kushinagar News: भूल गए थे बुकिंग सिस्टम, अब तकनीकी पेच ने रसोई में बढ़ाई दिक्कत

Tue, 17 Mar 2026 01:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना बावली चौक पर गैस के लिए जुटी लोगों की भीड़।संवाद
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पडरौना। ईरान-इस्राइल व अमेरिका के बीच संघर्ष शुरू होने से पहले रसोई गैस की प्रचुर उपलब्धता और आसानी से सिलिंडर मिलने से बेफ्रिक उपभोक्ता इन दिनों तकनीकी और प्रशासनिक नियमों के चक्कर में फंस गए हैं। पहले एक कॉल पर सिलिंडर मुहैया कराने वाली एजेंसियां अब ई-केवाईसी और नए बुकिंग नियमों का हवाला देकर हाथ खड़े कर रही हैं। प्रत्येक एजेंसी संचालक की तरफ से एक-एक सिलिंडर तय नियमों व प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार ही उपभोक्ताओं को देने की बात कही जा रही है।
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इसके बावजूद शहर से लेकर देहात इलाकों की गैस एजेंसियों पर लोगों की भीड़ अब भी कम नहीं हुई है। इन एजेंसियों पर सुरक्षा व कोई घटना न हो इसके लिए पुलिस व नोडल अधिकारियों की मौजूदगी में उपभोक्ताओं को गैस दिया जा रहा है। वहीं, गांवों में गैस की अनुपलब्धता के चलते चूल्हे पर लकड़ी जलाकर खाना पकाने की मजबूरी है। इसकी वजह बुकिंग का नया नियम हैं जिसमें 25 दिन की जगह 45 दिन बाद बुकिंग की जा रही है।
बीते महीनों में गैस की किल्लत नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं ने समय रहते बुकिंग कराना छोड़ दिया था। अब खाड़ी देशों में संघर्ष व तनातनी के चलते गैस का संकट होने पर नियम सख्त हुए हैं, तो एक साथ उपभोक्ताओं के बुकिंग करने से सर्वर और एजेंसी दोनों पर दबाव बढ़ गया है।
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कोट:-
जिले में घरेलू गैस आपूर्ति की व्यवस्था पहले से सुधरी है। संचालित 97 गैस एजेंसी संचालकों को तय नए नियमों के अनुरूप ही गैस वितरण के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। नियंत्रण कक्ष सहित मेरे पास आ रही कॉल की संख्या में कमी आई है। मिल रही प्रत्येक समस्या का तत्काल संतुष्टिपरक निस्तारण किया जा रहा है। -कृष्ण गोपाल पांडेय, डीएसओ, कुशीनगर
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परिषदीय विद्यालयों में गैस नहीं
जिले में संचालित 1034 परिषदीय विद्यालयों में रसोई गैस उपलब्ध नहीं है। इसके चलते इन विद्यालयों में वैकल्पिक तरीकों से एमडीएम बनाया जा रहा है। कई स्कूलों में बच्चों को एमडीएम की जगह बिस्कुट आदि दिए जा रहे हैं। विभागीय दिशा-निर्देश के मुताबिक, एमडीएम बनाने के लिए गैस अनिवार्य है। जिला समन्वयक (एमडीएम) जितेंद्र गौतम ने बताया कि विद्यालयों में रसोई गैस आपूर्ति के संकट को दूर करने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है।
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प्रार्थना पत्र पर मिल जाएगी रसोई गैस
परिषदीय विद्यालयों में एमडीएम के लिए रसोई गैस सिर्फ प्रार्थना पत्र पर ही मिल जाएगा। यह दावा आपूर्ति विभाग की ओर से किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि संचालित सभी गैस कंपनियों के एजेंसी संचालकों को इस संबंध निर्देश दे दिए गए हैं। उन्हें साफ कहा गया है कि परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व प्रधानाध्यापिका अगर एजेंसी पर प्रार्थना पत्र दिखाएं तो उन्हें या गैस लेने पहुंचे विभागीय कर्मचारी को सिलिंडर उपलब्ध करा दिया जाए।
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नहीं बना एमडीएम, बच्चों में बंटी बिस्किट
पडरौना शहर के सोहरौना स्थित प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को रसोई गैस के अभाव में एमडीएम नहीं बन पाया। बच्चों को तय मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिल पाया। हालात यह रहे कि बच्चों को एमडीएम की जगह बिस्किट दी गई। प्रधानाध्यापिका रोशनी ने बताया कि एमडीएम गैस के अभाव में नहीं बन पाया है, लेकिन बच्चों को एमडीएम की जगह बिस्किट दी जा रही है। कहा कि गैस मिलने की उम्मीद है, लेकिन उसके लिए सुबह गोदाम पहुंचना होगा। पहले कॉल करने पर विद्यालय पर ही गैस की आपूर्ति हो जा रही थी।
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जिले में क्या है रसोई गैस आपूर्ति की व्यवस्था
जिले में रसोई गैस आपूर्ति के लिए बीपीसीएल, एचपीसीएल व आईओसीएल की कुल 97 गैस एजेंसियां हैं। इनमें बीपीसीएल के 1,78,328, एचपीसीएल के 2,93,000 और आईओसीएल के 4,53,117 उपभोक्ता हैं। तीनों कंपनियों में कुल उपभोक्ताओं की संख्या 9,24,445 है। जिले में घरेलू गैस बुकिंग व आपूर्ति की वर्तमान स्थिति।
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कंपनी स्टॉक बिक्री ओपनिंग अवशेष औसत बुकिंग विगत दिवस बुकिंग
बीपीसीएल 3,919 1,569 2,350 3,514 5,816
एचपीसीएल 8,869 3,469 5,400 4,236 4,116
आईओसीएल 12,847 4,797 8,050 5,822 4,870
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योग:- 25,635 9,835 15,800 13,572 14,082

नोट:- यह चार्ट 16 मार्च को जिला पूर्ति विभाग की तरफ से सोमवार को जारी किया गया है। प्रदर्शित चार्ट में स्टॉक व बिक्री बीते 15 मार्च 2026 का है, जबकि ओपनिंग अवशेष सोमवार का दर्ज है।
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पडरौना बावली चौक पर गैस के लिए जुटी लोगों की भीड़।संवाद

पडरौना बावली चौक पर गैस के लिए जुटी लोगों की भीड़।संवाद

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