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UP: शव लाने के नाम पर वसूली पर DM सख्त, CMO ने PM हाउस पर लिखवाए नंबर, अब निशुल्क पहुंचेगा शव

Sat, 04 Jul 2026 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर

सार

डीएम महेंद्र सिंह तंवर से मामले को लेकर शिकायत की गई थी। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी लेते हुए असपर नाराजगी जताई। सीएमओ को निर्देशित किया कि वो इस व्यवस्था पर तत्काल प्रभाव से रोक लगवाएं। सख्ती के बाद सीएमओ के निर्देश पर दीवारों पर चालक पशुपति मिश्र, अशोक गौड़ और पोस्टमार्टम हाउस के नोडल डॉ. अवधेश कुशवाहा का मोबाइल नंबर लिखवाया। शव के पोस्टमार्टम के दौरान आने वाले लोगों के बैठने के लिए पोस्टमार्टम हाउस के पीछे कैंपस में शेड, पंखा व वाटर कूलर, कुर्सी लगवाने का खाका तैयार किया गया।
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डीएम महेंद्र सिंह तंवर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शव लाने और पहुंचाने के नाम पर वसूली पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने सीएमओ की पेच कसी। शुक्रवार को सीएमओ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और दीवारों पर शव वाहन चालक और नोडल डॉ. अवधेश गुप्ता का मोबाइल नंबर लिखवाया। कहा कि पोस्टमार्टम के बाद शव को तय स्थान तक शव वाहन से पहुंचाया जाएगा।

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पोस्टमार्टम कराने आने वाले लोगों को बैठने के लिए शेड, पंखा और वाटर कूलर लगवाया जाएगा। करीब छह दिन पूर्व हाटा कोतवाली क्षेत्र के सवांगी पट्टी डुमरी की माधुरी देवी, बहू शालू पड़ोस के युवक विवेक सिंह के साथ बाइक से गोरखपुर इलाज कराने जा रही थीं। हाटा-पिपराइच मार्ग पर हादसे में तीनों की मौत हो गई थी।

हाटा सीएचसी से पोस्टमार्टम के लिए शव लाने और पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने के लिए साढ़े तीन हजार रुपये देने पड़े थे। डीएम से पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत की। इसी तरह विशुनपुरा थाना क्षेत्र में छोटेलाल की मछली के शिकार करने के दौरान डूबकर मौत हो गई थी।

उनका शव लाने और पोस्टमार्टम के बाद पहुंचाने के लिए लोगों को चंदा लगाकर किराया देना पड़ा था। डीएम ने इसे गंभीरता से लिया और सीएमओ को जांच कर इसमें लिप्त लोगों पर कार्रवाई रिपोर्ट तलब की। शुक्रवार को सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे।

निरीक्षण करने के बाद सीएमओ के निर्देश पर दीवारों पर चालक पशुपति मिश्र, अशोक गौड़ और पोस्टमार्टम हाउस के नोडल डॉ. अवधेश कुशवाहा का मोबाइल नंबर लिखवाया। शव के पोस्टमार्टम के दौरान आने वाले लोगों के बैठने के लिए पोस्टमार्टम हाउस के पीछे कैंपस में शेड, पंखा व वाटर कूलर, कुर्सी लगवाने का खाका तैयार किया गया।

सीएमओ कार्यालय से एक शव वाहन पोस्टमार्टम पर 24 घंटे रहता है। पोस्टमार्टम के बाद शव को घर तक निशुल्क पहुंचाने की व्यवस्था है, लेकिन पोस्टमार्टम हाउस के कर्मियों की मिलीभगत से निजी एंबुलेंस का इस्तेमाल किया जाता था। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज प्रशासन के पास दो शव वाहन हैं।
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इलाज के दौरान किसी की मौत होने पर शव वाहन से उसके घर तक शव पहुंचाया जाता है। शव वाहन खाली रहने पर प्रार्थना पत्र सीएमएस या मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को देने पर शव घर तक पहुंचाया जाएगा।
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