पडरौना। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएड की परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण की नीति जारी कर दी है। जारी निती के तहत सीसीटीवी कैमरों से लैस विद्यालय ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटर की परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण की नीति शनिवार को जारी कर दी है। इसके तहत सीसीटीवी कैमरों से लैस विद्यालय ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया 10 नवंबर से शुरू होकर 30 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी। केंद्र निर्धारण के लिए इस बार कई नए मानक भी तय किए गए हैं। इसके तहत जिन विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था है, उन्हें केंद्र निर्धारण में वरीयता दी जाएगी। इसके लिए 10 अंक भी तय किए गए हैं। जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, उन्हें भी केंद्र निर्धारण में वरीयता दी जाएगी। डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रधानाचार्य कक्ष से अलग दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरों युक्त सुरक्षित स्ट्रांग रूम बनाए जाने के लिए कहा गया है। स्ट्रांग रूम में प्रश्न पत्रों को रखने के लिए चार डबल लॉक के बॉक्स होंगे। उत्तर पुस्तिकाओं को रखने के लिए भी अति सुरक्षित स्ट्रांग रूम होगा। मानक के अनुसार, प्रवेश द्वार एवं प्रमुख स्थलों के अलावा सभी कक्षाओं के बाहर भी दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए। ये कैमरे बोर्ड एवं प्रशाासन के कंट्रोल रूम से भी जुड़े होंगे। परीक्षा केंद्र 12 किमी की परिधि में होने चाहिए।
इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर तय होगा केंद्र का निर्धारण
बोर्ड की तरफ से जारी नीति के अनुसार राजकीय, सहायता प्राप्त अशाासकीय, निजी विद्यालयों के क्रम में परीक्ष केंद्र बनाए जाएंगे। एक केंद्र पर विद्यार्थियों की न्यूनतम संख्या 250 एवं अधिकतम 2200 होगी। बीते वर्षों में डिबार स्कूल परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। एक ही प्रबंधक व उसके परिवार द्वारा संचालित विद्यालयों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। इसके अलावा बालिकाओं के विद्यालय में बालकों का परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।