रुपये के लिए रविवार को भी लोग हलकान रहे। अधिकांश एटीएम में रुपये नहीं होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई। कुछ एटीएम में रुपये थे लेकिन कुछ देर बाद कैश खत्म हो गया। शहरवासियों की रविवार की छ़ुट्टी रुपये के इंतजाम में बीत गई। करीबियों से कर्ज लेकर कामकाज निपटाया। 28 नवंबर यानी आज से बैंक खुलेंगे। इसके चलते ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रहेगी।
नोटबंदी के बाद जिले में रुपये के लिए लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही। अवकाश के चलते बैंक शाखाओं में दूसरे दिन भी ताला लटकता रहा। विकास भवन और कोतवाली रोड के एटीएम में रुपये के लिए लंबी कतार देखने को मिली। कुछ देर के बाद रुपये खत्म हो गए। रुपये नहीं होने से अधिकांश एटीएम का शटर डाउन रहा। रुपये की उम्मीद में एटीएम पर पहुंचे लोग मायूस हो गए। बच्चों की जिद पूरी करने और रविवार को बेहतर पकवान की ख्वाहिश पूरी करने के लिए रुपये की कमी आड़े आ रही थी। इसके चलते कुछ लोगों ने परिचितों से उधार रुपये लिया। बैंक प्रबंधन का छुट्टी के दिन एटीएम में कैश लोड करने का दावा फ्लॉप साबित हो गया। शहर के प्रमुख इलाकों के एटीएम का शटर डाउन रहा। इसके चलते खाताधारकों में गुस्सा देखने को मिला।
मजदूरों के घर नहीं जले चूल्हे
बैंकों से रुपये नहीं निकलने से दिहाड़ी मजदूरों के चूल्हे जलने मुश्किल हो गए है। जो रुपये मजदूरी कर बैंक में डाले थे वह भी नहीं निकल पा रहा है। उदयपुरा गांव में मुसहरों पर भूख का कहर टूट पड़ा है। रामजन्म, रामनरेश, मुन्ना, तारकेश्वर के घर चूल्हा नहीं जला। उनका कहना है कि बैंक में 10 दिनों से जा रहा हूं, लेकिन रुपये नहीं निकल रहे हैं। यही हाल धुसवा के मजदूरों का है। सुरेश प्रसाद, बेचू प्रसाद, मिथुन प्रसाद, रमेश प्रसाद के घर आज सुबह राशन के भाव में चूल्हा नहीं जला। कहना है कि जहां भी मजदूरी करने जाते हैं, पुरानी नोट मिलती है। ऐसे मेें दुकानदारों ने राशन देने से मना कर दिया है।