पडरौना। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में सीएमओ परिवार कल्याण रहे कन्हैया लाल को शनिवार के दिन लखनऊ में गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत कुशीनगर जनपद में भी व्यापक धांधली हुई थी। एनआरएचएम के तहत स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति से लेकर टीकाकरण, जननी सुरक्षा योजना, नसबंदी सहित विभिन्न योजनाओं के प्रचार प्रसार के लिए शासन की ओर से विभिन्न वर्षों में उपलब्ध कराए गए करोड़ों रुपये का बंदरबांट हुआ था।
इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लगायत कर्मचारी तक शामिल थे। एनआरएचएम के तहत वर्ष 2010-11 में चलने वाली योजनाआें के प्रचार के लिए होर्डिंग्स, ग्लोसाइन बोर्ड, वाल राइटिंग, बैनर, कम्यूटनिटी ब्लैक बोर्ड पूरे जनपद में लगाए जाने थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों ने अपने चहेते फर्मों के नाम से वाउचर काटकर रुपये गटक लिया था।
मामला जब उजागर हुआ तो इसकी गहन जांच शुरू हुई। एनआरएचएम घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। उसके बाद सीबीआई की टीम ने कई बार जिले में आकर सीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से पूछताछ की थी।
उस मामले में तत्कालीन एसीएमओ परिवार कल्याण कन्हैया लाल से भी सीएमओ कार्यालय सहित लखनऊ भी बुलाकर पूछताछ की गई थी। कन्हैया लाल की शनिवार को लखनऊ में गिरफ्तारी के बाद घोटाले से जुड़े लोगों में एक बार फिर हड़कंप मच गया है।