कसया। बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव के तीसरे व अंतिम दिन बृहस्पतिवार को पहुंचे कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रमुख स्थलों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा की।
कृषि मंत्री ने निर्माणाधीन महात्मा गौतम बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का जायजा लिया। निर्माण कार्यों, शैक्षणिक सुविधाओं एवं प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने विश्वविद्यालय को क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं आधुनिक तकनीकों के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। मंत्री मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पांचवीं शताब्दी बुद्ध की 6.1 मीटर लंबी लेटी प्रतिमा पर चीवर चढ़ाकर पुष्प अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की और विश्व शांति, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में मंत्री ध्यान भी लगाया और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की।
कृषि मंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित प्रदर्शनी में लगाए गए स्टॉलों पर स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों, जैविक खेती से जुड़े उत्पादों और पारंपरिक वस्तुओं की गुणवत्ता की सराहना की। बुद्ध सर्किट पंडाल में सुसज्जित प्रदर्शनी की व्यवस्थाओं की भी उन्होंने प्रशंसा की। साथ ही सभी देशों के मोनेस्ट्री के काॅटेज को भी देखा। अधिकारियों ने मंत्री को कॉन्क्लेव से जुड़े कार्यक्रमों, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी। कृषि मंत्री ने कहा कि कुशीनगर की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को ध्यान में रखते हुए यहां पर्यटन, कृषि और शिक्षा के क्षेत्रों में समन्वित विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके और स्थानीय लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हों।
कृषि मंत्री ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव जैसे कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच प्रदान करते हैं, बल्कि जिले के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस मौके डीएम महेंद्र सिंह, एसपी केशव कुमार, राज्य मंत्री सुरेश्वर सिंह, तहसीलदार धर्मवीर सिंह, भंते महेंद्र, भंते अशोक, चेयरमैन प्रतिनिधि राकेश जायसवाल सहित कई प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।