गुरवलिया बाजार (कुशीनगर)। तमकुही क्षेत्र के गंडक के किनारे का इलाका अब महज रेत और खेत नहीं, बल्कि अपने विकास के एक नए अध्याय से भी जाना जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। इस बार जीरो बंधे के समीप जंगली पट्टी में होने वाले आयोजन के बाद यहां इंटरनेशनल इवेंट के लिए न केवल तैयारियां शुरू होंगी, बल्कि यहां के 3-5 किमी परिधि में बसे गांव की सूरत भी बदलेगी।
नए सिरे से अपग्रेडेशन के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और गांव को नए स्तर से गोद लिया जाएगा। पंचायत भवन, विद्यालय और नई सड़कें बनेंगी, जिससे यहां इंटरनेशनल इवेंट में आने वाले लोगों को यहां की खूबसूरती देखकर ही पूरे जिले की सौंदर्य की कल्पना हो जाए।
इसके लिए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने एडीएम और सीडीओ को निर्देश भी दे दिए हैं। एडीएम की जिम्मेदारी नोडल बनाकर पूरे रेता क्षेत्र की जमीनों की पैमाइश करा अनुपयोगी पड़ी किसानों की जमीन को शासन के नाम करा उन्हें कहीं उपयुक्त उपजाऊ भूमि दी जाए, जिससे आने वाले समय में पवेलियन, दर्शक दीर्घा और अन्य स्थाई निर्माण के समय बाधा न आए।
वहीं सीडीओ को आसपास के गांव में किन किन योजनाओं के अंतर्गत प्रस्ताव बनाया जा सकता है और यहां के विकास और कनेक्टिविटी में किस तरह बढ़ावा दिया जा सकता है उसके लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि आसपास के गांव को प्रशासन नए सिरे से गोद लेगा और उसके बाद यहां के विकास का सफर तय होगा।
इसके लिए प्रधानमंत्री जनविकास योजना, त्वरित विकास योजना और सांसद निधि की भी मदद ली जाएगी। इसके लिए सांसद और जिला प्रशासन की टीम ने समन्वय स्थापित कर योजना बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। सेवरही क्षेत्र के पिपराघाट स्थित जीरो बंधे के समीप जंगलीपट्टी में इंस्पेस द्वारा इसरो और एसआई के सहयोग से आयोजित होने वाले मॉडल रॉकेट्री कैनसेट राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारियों के बीच जिला प्रशासन और सांसद की अमृत प्रयास, जागृति और बरगद अमृत संगठन की टीम द्वारा समन्वय स्थापित कर आने वाले समय में इस रेता क्षेत्र में अंतरिक्ष और अन्य इंटरनेशनल इवेंट आयोजित हों, इसके लिए योजना तैयार कर लिया गया है। डीएम द्वारा प्रस्ताव बनाने के निर्देश भी दे दिए गए हैं।
सीडीओ ग्राम विकास को लेकर कार्य करेंगी तो एडीएम को रेता क्षेत्र की अनुपयोगी भूमि को किसानों से बदलने और उन्हें कहीं अन्यत्र उपजाऊ भूमि बनाने का निर्देश मिला है। यह कार्य नवंबर के प्रथम सप्ताह से शुरू होगा। दरअसल, मॉडल रॉकेट कैनसेट प्रतियोगिता के लिए शासन के निर्देश के बाद जिला प्रशासन सभी तैयारियां अस्थाई कर रहा है चाहें वो दर्शक दीर्घा हो, लांचिंग पैड हो या भूमि के समतलीकरण हो।
डीएम ने आने वाले इस रेता क्षेत्र में महज बाढ़ और उसर भूमि के रूप में न जाना जाए इसके लिए आने वाले समय में इंटरनेशनल इवेंट की तैयारी शुरू हुई है। इसके लिए डीएम ने एडीएम वैभव मिश्र को जमीन की पैमाइश के निर्देश दिए हैं।