पडरौना। धर्मांतरण कराने के मामले में जेल भेजे गए आरोपियों के करीबियों और गिरोह से जुड़े बाकी लोगों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। शिथिलता की वजह डोल मेला में पुलिस की व्यस्तता बताई जा रही है। हालाकि पकड़े गए आरोपियों के कनेक्शन बिहार, नेपाल में मिले थे। पडरौना कोतवाली पुलिस की ओर से जेल भेजे गए आरोपियों ने पूछताछ में गिरोह से जुड़े कई लोगों का नाम बताया था, लेकिन उन लोगों तक टीम के हाथ नहीं पहुंच सके हैं।
जिले में प्रेमप्रसंग और लालच में फंसाकर किशोरियों, युवतियों का धर्मांतरण कराकर शारीरिक शोषण का मामला पुलिस की कार्रवाई के बाद भी कम नहीं हो रहा है। पडरौना कोतवाली, रामकोला, नेबुआ नौरंगिया, सेवरही, विशुनपुरा में पुलिस ऐसे मामलों में कार्रवाई कर चुकी है। करीब 10 से अधिक किशोरियों को मुक्त कराया है। धर्मांतरण कराने में शामिल तीन महिलाओं को भी पुलिस जेल भेजी है। इसमें मां, बेटी भी शामिल हैं। पुलिस की जांच में आरोपियों का कनेक्शन बिहार के सिवान, नेपाल के अलावा केरल, पंजाब में होने का दावा किया गया था, लेकिन अभी तक इस गिरोह से जुड़े एक भी आरोपी नहीं पकड़े गए है। पुलिस अभी तक जिन शहरों में कनेक्शन मिला है, वहां नहीं पहुंच सकी है। पुलिस आरोपियो को फंडिंग करने वालों का डिटेल खंगाल रही है। आरोपियो का बैंक डिटेल के बारे में पुलिस पता लगा रही है। आरोपियों के मोबाइल में मिले वाट्सएप ग्रुप की जानकारी के लिए साइबर सेल की मदद विवेचक ले रहे हैं। वहीं पुलिस की जांच में कई ऐसी जानकारी मिली है, जिसके बारे में गोपनीय तरीके से पुलिस पता लगाने में जुटी है।