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किराएदारों का लेखाजोखा पुलिस के पास नहीं

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किराएदारों का लेखाजोखा पुलिस के पास नहीं
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एसपी ने कसया से शुरू कराया किराएदारों का सत्यापन
पूर्व में कसया में एटीएस के हत्थे चढ़ चुका है एक संदिग्ध युवक
तीन साल पहले गोरखपुर में टेरर फंडिंग में संलिप्त मिले थे जिले के दो युवक
पडरौना। लखनऊ में रविवार को दो आतंकी पकड़े जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बरतने के निर्देश पुलिसकर्मियों को दिए गए हैं। आश्चर्य की बात ये है कि जिले में किराए पर कितने लोग रह रहे हैं, इसका न तो कोई लेखाजोखा बन सका है और न ही पूर्व में इसे लेकर कोई सतर्कता रही है। लखनऊ का मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने अब किराएदारों का सत्यापन शुरू करा दिया है।
जनपद की खड्डा, पडरौना और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र की सीमाएं बिहार प्रांत से लगी हैं। जबकि नेपाल भी यहां से नजदीक है। भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली होने और अब इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण अंतिम चरण में होने से सुरक्षा के लिहाज से यह जनपद बेहद संवेदनशील माना जाता है। पूर्व में कसया और पडरौना के संदिग्ध युवकों को एटीएस पकड़ भी चुकी है। करीब पांच साल पहले कसया नगर का एक संदिग्ध युवक एटीएस के हाथों लगा था। आतंकी संगठनों से ताल्लुक के शक में एटीएस उसे अपने साथ लेकर चली गई थी। इसकी जानकारी मुकामी पुलिस को भी काफी देर बाद हुई थी। इसी तरह तीन साल पहले पडरौना शहर के भी दो युवक टेरर फंडिंग के आरोप में एटीएस के हत्थे चढ़े थे। उन्हें एटीएस ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया था।
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इसके बावजूद जिले में किराए पर कमरे अथवा घर लेकर रहने वाले किराएदारों के बारे में पुलिस प्रशासन के पास कोई लेखाजोखा नहीं है। रविवार को लखनऊ में मसीरुद्दीन और मिनहाज नाम के दो आतंकी के गिरफ्तार होने और पड़ोसी जनपद सीएम सिटी गोरखपुर इनके निशाने पर होने की बात सामने आने पर जनपद में चौकसी बढ़ा दी गई है। लखनऊ की घटना और पूर्व में संदिग्ध युवक मिलने की वजह से किराएदारों का सत्यापन कसया से शुरू कराया गया है।
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किराएदार को घर अथवा कमरा किराए पर देने से पहले मकान मालिक की जिम्मेदारी बनती है कि वे उसके बारे में पूूरी जानकारी प्राप्त कर लें। एग्रीमेंट कर लें तथा पुलिस विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी करा लें। क्योंकि उसके बाद पुलिस विभाग की तरफ से ऐसे व्यक्तियों का सत्यापन कराया जाता है। ऐसा न करने और किराएदार के किसी राष्ट्रविरोधी गतिविधि में संलिप्त होने पर मकान मालिक पर भी कार्रवाई हो सकती है। किराएदारों का सत्यापन कसया से शुरू करा दिया गया है।
सचिंद्र पटेल, पुलिस अधीक्षक
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