कसया। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली में शुक्रवार को 2570वीं त्रिविधि पावनी बुद्ध जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। महापरिनिर्वाण मंदिर में बौद्ध भिक्षुओं, उपासकों और देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने लेटी बुद्ध प्रतिमा के समक्ष विशेष पूजा-अर्चना कर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की।
मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में सुबह करीब 6:30 बजे भिक्षु संघ के अध्यक्ष शिन नंद, उपाध्यक्ष शील प्रकाश, नंदका भंते, भंते महेंद्र और भंते अशोक के नेतृत्व में मुख्य मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना हुई। इस दौरान भिक्षुओं ने भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा का दर्शन-पूजन कर वंदना की और चीवर अर्पित किया। इसके बाद बोधि वृक्ष पर जल अर्पित कर सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की प्रार्थना की गई। सुबह 7:30 बजे वर्मी बुद्ध विहार से महापरिनिर्वाण मंदिर और रामाभार स्तूप तक बूंदाबांदी के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इसके बाद पूर्वाह्न में भिक्षुओं को भोजन दान किया गया, जबकि दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक धर्मसभा का आयोजन हुआ, जिसमें बुद्ध के अहिंसा, करुणा और शांति के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। श्रद्धालुओं का कहना था कि भगवान बुद्ध का संदेश आज भी विश्व को शांति और भाईचारे की राह दिखा रहा है।
बुद्ध पूर्णिमा पर निकली भव्य रथ यात्रा, भगवान बुद्ध की झांकियों ने मोहा मन
कसया। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बृहस्पतिवार को बुद्ध नगरी कुशीनगर में भव्य रथ यात्रा निकाली गई। महापरिनिर्वाण मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा श्रद्धा, आस्था और शांति का संदेश देती हुई निकली। यात्रा में बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षु, स्कूली बच्चे और बौद्ध अनुयायी शामिल हुए।
रथ यात्रा महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर बुद्ध मार्ग होते हुए बुद्ध मार्ग गेट होते हुए रामाभार स्तूप पहुंची। वहां भगवान बुद्ध को विधि-विधान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद यात्रा पुनः महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई।
रथ यात्रा में भगवान बुद्ध के जीवन और उपदेशों से जुड़ी आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। लेटी हुई भगवान बुद्ध की प्रतिमा की झांकी को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। पूरे मार्ग में श्रद्धालु बुद्ध वंदना और शांति संदेश का उच्चारण करते नजर आए। इस दौरान भिक्षु शिवनंद, भिक्षु नन्दका, भंते महेंद्र, भंते नंद रतन, भंते अशोक और भंते रूपाली सहित बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षु उपस्थित रहे। स्कूली बच्चों ने भी रथ यात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक और उत्सवी माहौल बना रहा।
बुद्ध पूर्णिमा पर शोभा यात्रा निकालते बौद्ध भिक्षु और श्रद्धालु। संवाद