खड्डा। मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के पुल पर लगाए गए दो धर्मों के झंडे में से एक पोल सहित नहर में गिर गया। इसके लिए लोग एक-दूसरे को जिम्मेदार बताने लगे। तनाव की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सूझबूझ का परिचय देते हुए लोगों को शांत करा दिया। इस तरह बड़ा विवाद बच गया।
खड्डा थाना क्षेत्र के बंजारी पट्टी गांव के नहर पुल के एक तरफ कुछ वर्ष पहले धार्मिक झंडा स्थापित करने की शुरुआत हुई थी, जो अबतक लगता आ रहा है। एक वर्ष पहले पुल के दाहिने तरफ दूसरे धर्म के लोगों ने भी अपनी धार्मिक झंडा लगा दिया। रविवार की भोर में एक महिला ने इस झंडा को बांस के पोल सहित नहर में गिरा देखकर शोर मचाया, तो उस समुदाय के लोगों की भीड़ जमा हो गई। इन लोगों का कहना था कि जानबूझकर किसी ने बांस के पोल को काट कर झंडा गिराकर अपमान किया है। हालांकि दूसरे धर्म के लोगों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं की। सूचना मिलते ही खड्डा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन की तो पता चला कि बांस का पोल कमजोर होने व हवा के दबाव के चलते पोल सहित झंडा नहर में गिरा है। पुलिस ने ग्राम प्रधान कुद्दुस अंसारी सहित अन्य लोगों से बातचीत कर झंडा रखवा दिया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक आशुतोष सिंह का कहना है कि झंडा अपने आप गिरा था। किसी के द्वारा जानबूझकर काटने की बात सही नहीं है। लोगों को समझा बुझाकर शांत करा दिया गया है। इस तरह के विवाद को बढ़ाने वाले तत्वों पर नजर रखी जा रही है।