खड्डा। विधायक निधि से बनवाए जा रहे विवाह भवन के विवाद में शनिवार को दो वर्गों के लोग आमने-सामने हो गए। दूसरे वर्ग के लोग वहां स्थित धर्मस्थल को हटाने के बाद ही विवाह भवन बनवाए जाने के पक्ष में थे। नौबत यहां तक आ गई कि दोनों तरफ से लाठी-डंडे निकल गए, लेकिन तब तक पुलिस को सूचना मिल गई। पुलिस के पहुंच जाने से मामला बिगड़ने से बच गया। उसी दरम्यान पंचायत भवन में वर्षों से हुए अतिक्रमण को भी हटवा दिया गया। एहतियातन गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
खड्डा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा नरकू छपरा में मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के किनारे लगभग डेढ़ साल पहले क्षेत्रीय विधायक ने अपने निधि से विवाह भवन का शिलान्यास किया था। नींव स्तर तक निर्माण हो गया था, लेकिन वहां स्थित धर्मस्थल को लेकर काम ठप था। चार दिन पहले काम शुरू हुआ तो गांव के दूसरे वर्ग के लोगों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि धर्मस्थल हटाने के बाद ही निर्माण कराया जाए, जिस पर ग्राम प्रधान अशोक यादव सहित कई लोगों ने एतराज करते हुए कहा कि धर्मस्थल पुराने समय से स्थापित है, इसलिए उसे नहीं हटाया जाएगा। विवाह भवन सभी के लिए है, किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं। मामला थाने पर भी पहुंचा। जिस पर पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया। वहां प्रधान पक्ष के लोग पहुंच गए, लेकिन विरोध करने वाले नहीं गए।
इसके बाद शनिवार की सुबह विवाह भवन का निर्माण पुन: शुरू हुआ तो काफी संख्या में दूसरे वर्ग के लोग लाठी-डंडे आदि लेकर काम रोकने पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। तभी खड्डा थाने कि पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गई। पुलिस को आते देखकर लोग भाग खड़े हुए। पुलिस के पहुंचने पर निर्माण कार्य शुरू हुआ। ग्राम प्रधान सहित गांव के अन्य लोगों ने बगल में ही पंचायत भवन पर वर्षों से अतिक्रमण की शिकायत पुलिस से की। इस पर पुलिस ने अतिक्रमण हटवाकर पंचायत भवन को ग्राम प्रधान को सुपुर्द कर दिया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है।
इस संबंध में मौके पर मौजूद एसआई अक्षयवर यादव का कहना था कि अनावश्यक विवाद पैदाकर इसे सांप्रदायिक रंग देने का कुछ लोग प्रयास कर रहे थे। इसको शांत करा दिया गया है। गांव के लोगों पर नजर रखी जा रही है।