पडरौना। बजट में पर्यटन पर भी फोकस किया है। देश के 15 पुरातत्व स्थल, 20 टूरिस्ट साइट्स और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रावधान किया गया है। यह प्रावधान पर्यटन और पुरातत्व क्षेत्र को मजबूत करने की नई योजना है। चयनित केंद्रों को पर्यटन और शिक्षा के लिए बढ़ावा मिलेगा।
यही नहीं 20 प्रसिद्ध टूरिस्ट साइट्स पर पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू करेगी। इस योजना के तहत 10,000 गाइडों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उनके स्किल्स को अपग्रेड किया जाएगा,ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। इसमें सरकार नाथ ईस्ट क्षेत्र में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए योजना शुरू करेगी,ताकि मंदिरों और मठों को संरक्षित किया जा सके।
इसमें ईको टूरिज्म और नेचर बेस्ड ट्रैवल पर भी जोर दिया गया है। इसको लेकर कुशीनगर के टूरिस्ट गाइड व पुरातत्व विभाग सहित पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग बेहतर व उपयोगी मान रहे हैं। टूरिस्ट गाइड डा.अभय राय का कहना है कि बजट में टूरिस्ट साइट्स पर पर्यटकों को अतिथि देवो भव: के साथ बेहतर व अनुकूल माहौल देने के लिए पायलअ प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए 20 स्थलों का चयन करना सराहनीय पहल है। इसका आने वाले समय में विस्तार करना पड़ेगा। यह योजना कुशीनगर के भी पर्यटन व पुरातत्व को बढ़ाएगा।
लोगों का कहना है कि बजट में पुरातात्विक स्थलों को संरक्षित करने को लेकर जो प्रावधान किया गया है। वास्तव में देश के धरोहरों व प्रमुख स्थलों के संरक्षण के लिए बेहतर साबित होगा। अभी महज देश के 20 पुरातात्विक स्थलों को लिया गया है। इसमें आगे विस्तार करने की जरूरत है। ताकि कुशीनगर जिले के बुद्ध से जुड़े फाजिलनगर क्षेत्र के पुरातात्विक स्थलों को तरजीह मिले और विश्व पटल पर ख्याति पा सके।