पकवा इनार। कुशीनगर के वर्मी बुद्ध विहार के वीआईपी धर्मशाला के कमरे में मंगलवार की शाम पंखे में फंदे से लटक कर जान देने वाली महिला की दुधमुंही बच्ची को चाइल्ड हेल्पलाइन कुशीनगर ने कस्टडी में लिया है। वह उसकी देखभाल कर रहे हैं। रक्त संबंधी को ही बच्ची को सुपुर्द किया जाएगा। बृहस्पतिवार को दोपहर तक कुशीनगर परिजनों व वहां की पुलिस के पहुंचने की उम्मीद है। तेलंगाना के जिला नागर कुरनूल के कस्बा अक्षमा पेटा निवासी 35 वर्षीय विजय लक्ष्मी बीते 11 मई को कुशीनगर आई थी। वह वर्मी बुद्ध विहार के वीआईपी धर्मशाला में एक कमरे में थी। बीते मंगलवार शाम चार बजे के करीब कमरे से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर अगल बगल के रहने वाले लोगों ने दरवाजा खुलवाने के लिए खटखटाया, लेकिन नहीं खुला।
अनहोनी की संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी गई। आई पुलिस और फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर कमरे का दरवाजा खुलवाया। जहां कमरे के अंदर पंखे में फंदे से लटकता मिला विजय लक्ष्मी का शव। वहीं, उसकी नौ महीने की बच्ची रो रही थी। पुलिस की जांच पड़ताल में मृतिका विजय लक्ष्मी अपने पति की बीते सात मई को हत्या कर फरार चल रही थी। अक्षमा पेटा थाने की पुलिस मृतिका विजय लक्ष्मी की तलाश में जुटी थी। घटना की जानकारी पुलिस ने तेलंगाना पुलिस व परिजनों को दी थी। इस संबंध में चाइल्ड हेल्पलाइन कुशीनगर के सुपरवाइजर मोहन लाल गुप्ता ने बताया कि बच्ची को वर्मी बुद्ध विहार से रेस्क्यू किया गया था। उसे सुरक्षित देखभाल में रखा गया है। परिजन आएंगे तो उन्हें सौंपा जा सकेगा। लेकिन वह रक्त संबंधी होने चाहिए। अधिक समय बाद सुपुर्द करने में प्रक्रिया बढ़ जाती है। फिलहाल परिजन आएंगे तो उन्हें कोर्ट से ही सुपुर्द किया जाएगा।