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रोजगार के लिए तकनीकी शिक्षा पर भी ध्यान दें बेटियां

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जटहांबाजार के लाची देवी इंटर कॉलेज में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में शपथ लेते छात्र-छात्राएं। - फोटो : KUSHINAGAR
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रोजगार के लिए तकनीकी शिक्षा पर भी ध्यान दें बेटियां
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अमर उजाला की मुहिम अपराजिता के तहत महिला जागरूकता गोष्ठी
जटहां बाजार। महिलाएं जब तक आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होंगी, तब तक उन्हें किसी न किसी रूप में प्रताड़ना सहना पड़ेगा। इसलिए बेटियां पढ़ाई के साथ भविष्य में रोजगार का भी ख्याल रखें। इसके लिए जरूरी है कि वे तकनीकी शिक्षा ग्रहण करें। जब लड़कियां आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तो उनकी कई समस्याओं का स्वत: ही समाधान हो जाएगा।
ये बातें शुक्रवार को श्रीमती लाची देवी समाज कल्याण इंटर कॉलेज जटहां बाजार में अमर उजाला की मुहिम अपराजिता के तहत आयोजित महिला जागरूकता गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि महिला एसओ विभा पांडेय ने कहीं। महिला एसओ ने कहा कि छात्राएं हाईस्कूल की पढ़ाई के बाद ही अपनी रुचि के अनुसार विषयों का चयन कर लें। मसलन, अगर वे डॉक्टर बनना चाहती हैं तो जीव विज्ञान और इंजीनियर बनना चाहती हैं तो गणित विषय की पढ़ाई जरूरी है। कला वर्ग की पढ़ाई करके वे अध्यापक, वकील, प्रशासनिक अफसर आदि भी बन सकती हैं।
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विशिष्ट अतिथि बीईओ एसएन प्रजापति ने कहा कि बालिकाओं को सरकारी स्कूलों में इंटर तक की शिक्षा मुफ्त दी जाती है। ग्रामीण क्षेत्र में कस्तूरबा विद्यालयों के जरिए अति निर्धन परिवारों की बच्चियों की शिक्षा के लिए व्यवस्था है। बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापकों की नियुक्ति में 50 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। अच्छे अंक से उत्तीर्ण होने वाली छात्राओं के लिए अध्यापक बनकर खुद को साबित करने का बेहतर अवसर मिल रहा है।
विशिष्ट वक्ता इंजीनियर मनोज कुमार सिंह ने कहा कि हाईस्कूल व इंटर में अच्छे अंक पाने के बाद आगे तरक्की के लिए तमाम रास्ते खुलते हैं। परंतु कम अंक पाने वालों को भी निराश होने की जरूरत नहीं है। कंप्यूटर साफ्टवेयर व प्रोग्रामिंग का प्रशिक्षण लेकर भी लड़कियां अच्छी नौकरी पा सकती हैं। इसके अलावा फैशन डिजाइनिंग समेत कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें लड़कियां अब आसानी से कॅरियर बना रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र में भी बुटिक सेंटर व ब्यूटी सेंटर का प्रशिक्षण कराने वाली कई संस्थाएं हैं जिनसे प्रशिक्षण के बाद स्व रोजगार भी स्थापित कर सकती हैं।
इस कार्यक्रम को कॉलेज के प्रबंधक हरिशंकर कुशवाहा, प्रधानाचार्य सिद्धार्थ कुशवाहा, जटहां थाने के एसआई मूलचंद, कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या के पीआरओ रामेश्वर कुशवाहा आदि ने भी संबोधित किया।
इस दौरान हंसराज कुशवाहा, मोनू जायसवाल, अजय रौनियार, मोहन कुशवाहा, बबलू कुशवाहा, ईश्वरदेव कुशवाहा, प्रधान अनिल यादव, राजेश शर्मा, अजहर अंसारी, सूरज कश्यप, मीरा शर्मा, सोनिया मौर्या, उपेंद्र कुशवाहा, पुरुषोत्तम कुशवाहा, सतीश श्रीवास्तव, नंदकिशोर यादव, राजीव दीक्षित आदि मौजूद रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जगाई अलख
इस कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ थीम पर आधारित नाटक प्रस्तुत कर भ्रूण हत्या बंद करने व बेटियों को उचित परवरिश देने की अपील की। इसके अलावा नन्हें-मुन्ने बच्चों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने अपराजिता मुहिम की शपथ ली। इस दौरान कुल 212 शपथ पत्र भरे गए। बीईओ एसएन प्रजापति ने लोगों से सामाजिक परिवर्तन के लिए आगे आने का आह्वान किया।
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छात्राएं बोलीं, कॅरियर के विषय में मिली महत्वपूर्ण जानकारी
अपराजिता मुहिम के तहत आयोजित महिला जागरूकता गोष्ठी में मौजूद 11वीं कक्षा की छात्रा सलोनी कुशवाहा ने कहा कि इस आयोजन के जरिए आगे की कक्षाओं की पढ़ाई व नौकरी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिली। नेहा रौनियार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में कॅरियर के विषय में बहुत अधिक जानकारी नहीं मिल पाती है। इस कार्यक्रम में आए लोगों ने नौकरी के लिए जरूरी शैक्षिक योग्यता की जानकारी दी जो बहुत लाभप्रद रही। 12 वीं की छात्रा पूजा कुशवाहा का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में इस तरह के आयोजन होने से अभिभावकों को आगे की पढ़ाई के लिए समझाने में आसानी होगी। वहीं 10वीं की छात्रा अंजली कुशवाहा का कहना था कि हाईस्कूल के बाद आगे की पढ़ाई के लिए विषयों का चयन कैसे करें, इसकी जानकारी काफी लाभप्रद रही।
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