पडरौना। पुरानी पेंशन बहाली के लिए माध्यमिक शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को डीआईओएस कार्यालय परिसर में धरना दिया। माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने कहा कि एनपीएस कर्मचारियों के खिलाफ सरकार का षड्यंत्र है। जबकि पुरानी पेंशन व्यवस्था सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बुढ़ापे की लाठी है। इसलिए कर्मचारी हार हाल में पुरानी पेंशन लेकर रहेंगे। इसके लिए जो भी बलिदान देने पड़ेंगे, वह दिया जाएगा।
शिक्षक नेता ने कहा कि माध्यमिक विद्यालयों का सरकारीकरण ही शिक्षकों की संपूर्ण समस्याओं का समाधान है। सरकारीकरण से शिक्षकों को समय से वेतन, बोनस, एरियर का भुगतान होने के साथ स्थानांतरण और प्रमोशन की समस्या से निजात मिलने के साथ ही वरिष्ठता और कनिष्ठता का विवाद भी नहीं होगा। साथ ही प्रबंधकीय उत्पीड़न से भी शिक्षकों को मुक्ति मिलेगी। मांगों को लेकर संगठन सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगा।
धरने को प्रदेश उपाध्यक्ष मैनुद्दीन अंसारी,अटेवा के जिलाध्यक्ष अजय कुमार, रामाश्रय कुशवाहा, कृष्ण कुमार सिंह, चन्द्रशेखर, जयकुमार, करन यादव, प्रमोद कुमार मौर्या, योगेश यादव, दिनेश गौतम, रामनिवास सिंह, जयकुमार, अखिलेश चौधरी, अतुल त्रिपाठी, विजेंद्र सिंह, नन्दलाल पान, विजय सिंह, डॉ. घनश्याम तिवारी, बृजेंद्र प्रताप सिंह, संतोष वनवाल, ओम प्रकाश ओझा, शाकिर अली आदि ने संबोधित किया। शिक्षक नेताओं ने डीआईओएस कार्यालय पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कहा कि अब तक एनपीएस की फीडिंग नहीं हुई, जबकि सरकारी अंशदान आए करीब तीन माह बीत गए। धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा और संचालन जिलामंत्री जुगेश यादव ने किया। इसके बाद पुरानी पेंशन बहाल करने, एनएपीएस की फीडिंग शीघ्र कराने समेत अन्य मांगों से संबंधित डीआईओएस को ज्ञापन सौंपा।