तमकुहीराज बीआरसी परिसर में अधिकारी का इंतजार करती शिक्षिकाएं।
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पडरौना/तमकुहीराज। अपने गृह जनपद वापसी की तैयारी में जुटी अध्यापिकाओं के लिए विभागीय अफसरों व सहयोगी वरिष्ठ अध्यापकों की मनमानी इस चिलचिलाती धूप में बड़ी परेशानी की वजह बन गई है। तीन दिन से अपना घर छोड़कर कार्यमुक्त होने के लिए भटक रही शिक्षिकाएं वरिष्ठ अध्यापकों व अफसरों की इस मनमानी से कड़वा अनुभव लेकर जिले से जाने को विवश हैं।
पिछले हफ्ते परिषदीय अध्यापकों के अंतर जनपदी स्थानांतरण में कुशीनगर जिले से करीब 400 अध्यापिकाओं को अपने गृह जनपद या पड़ोस के जनपद में स्थानांतरित होकर जाने का अवसर मिला है। शासन ने इन सभी को 28 जून तक नई जगह पर कार्यभार ग्रहण करने का आदेश दिया है। इस तिथि तक प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने पर स्थानांतरण आदेश स्वत: रद्द माना जाएगा। इसे देखते हुए स्थानांतरित सभी अध्यापिकाएं आजकल कुशीनगर में हैं। इन अध्यापिकाओं को स्कूल व जिले से कार्यमुक्ति प्रमाण पत्र के साथ ही अपने रहने वाली जगह से सामान भी शिफ्ट करना है। स्थानांतरण से बेहद खुशी अध्यापिकाएं विभागीय अफसरों के रवैया व वरिष्ठ शिक्षकों के बदले व्यवहार से हतप्रभ हैं। बृहस्पतिवार को फाजिलनगर ब्लॉक में स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हुई तो पहली दिक्कत यह आई कि अध्यापिकाओं को अपने हेडमास्टर से कार्यमुक्ति प्रमाण पत्र के लिए कहा गया। अधिकांश स्कूल बंद हैं और हेडमास्टर नहीं मिल रहे हैं।
यही हाल तमकुहीराज ब्लॉक का था। बृहस्पतिवार सुबह जब अध्यापिकाएं बीआरसी पहुंचीं तो बीईओ आरएस वर्मा पत्नी की तबीयत खराब होने की बात बताते हुए अवकाश पर चले गए। कुछ शिक्षिकाओ के अभिभावकों ने प्रभारी बीएसए से शिकायत दर्ज कराई, लेकिन दोपहर बाद तक कोई उपाय नहीं हुआ। चिलचिलाती धूप व गर्मी में अध्यापिकाएं व साथ आए लोग इधर-उधर भटकते रहे। मोतीचक ब्लॉक के बीआरसी पहुंचीं अध्यापिकाओं को बीईओ के नहीं होने के चलते कार्य में दिक्कत आई। यहां के बीईओ का पद रिक्त है। वहां पहुंचे जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने प्रभारी बीएसए से शिकायत दर्ज कराई तो उन्होंने हाटा के बीईओ को मोतीचक का चार्ज देकर व्यवस्था कराने की बात कही लेकिन शाम तक यहां भी कोई उपाय नहीं हो सका।