समर्थकों के साथ धरने पर बैठे विधायक।
- फोटो : अमर उजाला
तमकुहीराज। गंडक नदी की बाढ़ विस्थापित ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को तमकुहीराज तहसील मुख्यालय पहुंचकर धरना दिया। धरनारत ग्रामीणों का कहना था कि वर्षो पूर्व गंडक नदी के कटान से विस्थापित होने के बावजूद प्रशासन ने अब तक उनके पूनर्वास की व्यवस्था नहीं की है। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने 15 दिन के अन्दर समस्या समाधान का भरोसा दिलाया। उसके बाद धरना स्थगित हो गया।
तमकुहीराज के विधायक अजय कुमार लल्लू की अगुवाई में तहसील क्षेत्र के अहिरौलीदान, पिपराघाट, रामपुर बरहन व तिवारी पट्टी के ग्रामीण तमकुहीराज तहसील मुख्यालय पहुंचकर धरना पर बैठ गए। विधायक ने कहा कि तिवारी पट्टी में सरकारी भूमि पर वर्षों से बसे 34 गरीब परिवारों को प्रशासन ने हाईकोर्ट के निर्देश पर उजाड़ दिया है। अब ये लोग सड़क के किनारे प्लास्टिक तानकर वक्त काट रहे हैं। गंडक नदी की कटान से अहिरौलीदान के 70, पिपराघाट के 13 व रामपुर बरहन के 74 परिवार बेघर होकर वर्षों से खानाबदोश का जीवन जीने को मजबूर हैं। बाढ़ पीड़ितों को प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण आवसीय पट्टा नहीं मिल पा रहा है। विधायक के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे एसडीएम त्रिभुवन ने एक पखवारे में समस्या समाधान कराने का भरोसा दिलाया। आश्वासन पाकर धरना स्थगित कर दिया गया।
इस दौरान लल्लन मद्वेशिया, अनिल पटेल, गुरूचरण गुप्ता, राजेश सिंह, अशोक पटेल, प्रभु गुप्ता, व्यास कुशवाहा, बनारसी यादव, मंजूर अली, विकास कुशवाहा, कृष्णा पटेल, सतीश, जेबी सिंह, राधेश्याम यादव, पंकज यादव आदि मौजूद रहे।