पडरौना। जल जीवन मिशन के तहत जिले में चल रही ग्रामीण पेयजल योजनाओं को समय से पूरा करने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) समिति की समीक्षा बैठक हुई। इसमें अधिकारियों को सभी योजनाओं को तय समय और गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता ने बताया कि जल जीवन मिशन के फेज-2 और फेज-3 के तहत जिले में कुल 453 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का निर्माण कराया जा रहा है। इन योजनाओं से 667 ग्राम पंचायतों के 904 राजस्व गांवों में रहने वाले परिवारों को लाभ मिलेगा। कुल 3,34,718 घरों तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि योजनाओं के तहत 464 ट्यूबवेल (पंपिंग प्लांट सहित), 454 पंप हाउस, 454 शिरोपरि जलाशय और 6,448 किलोमीटर वितरण प्रणाली का निर्माण प्रस्तावित है। अब तक 454 ट्यूबवेल, 448 पंप हाउस, 250 शिरोपरि जलाशय और 6,292 किलोमीटर वितरण प्रणाली का काम पूरा किया जा चुका है। शेष कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। बैठक में अधिकारियों को ‘जल सारथी ऐप’ के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि इस ऐप के माध्यम से ग्रामीणों को अपने गांव की पेयजल योजना की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही पेयजल से जुड़ी शिकायतें और सुझाव भी ऑनलाइन दर्ज कराए जा सकते हैं। सीडीओ ने सभी कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन की सभी परियोजनाओं को समय से पूरा कराकर ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।