पडरौना। ठंड में बिना पर्याप्त गर्म कपड़ों के बाहर निकलना खतरनाक है। ऐसी स्थिति में हाइपोथर्मिया की गिरफ्त में आने से जान भी जा सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि हाइपोथर्मिया एक व्याधि है, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर ठंड से मुकाबला नहीं कर पाने से पैदा होती है।
सुबह बिस्तर से निकलकर कम कपड़ों में ही टहलना-घूमना इसे न्योता देने जैसा है। सर्दी लगने पर शरीर का तापमान भी नीचे पहुंच जा रहा है और इसकी चपेट में बुजुर्ग और बच्चे आ रहे हैं। कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में इन दिनों हाइपोथर्मिया से पीड़ित लोग इलाज कराने पहुंच रहे हैं। मेडिसिन विभाग के डॉ. उपेंद्र चौधरी का कहना है कि बच्चे और बुजुर्ग लापरवाही बरतने के कारण इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। सुबह-शाम कम गर्म कपड़ों के बिना सिर-पैर ढंके घर से निकल जाते हैं। बच्चे खेलने और बुजुर्ग टहलने लगते हैं। उन्हें लगता है कुछ ही देर में धूप की गर्मी से सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन तब तक वह ठंड के कारण हाइपोथर्मिया की गिरफ्त में होते हैं। कई मरीजों की हालत गंभीर होती है। कोशिश यह होनी चाहिए कि ऐसी नौबत ही न आए। कुछ एहतियात बरतकर इससे बचा जा सकता है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश कुमार वर्मा का कहना है कि बहुत अधिक ठंड में बिना गर्म कपड़ों के बाहर निकलने से हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है। ठंडे पानी से स्नान करने पर हाइपोथर्मिया होने की आशंका बनी रहती है। ठंड के मौसम में गीले कपड़े पहनने से भी बीमारी होने की अशंका रहती है। जबकि, इस मौसम में बहुत अधिक समय तक खाली पेट रहने से भी हाइपोथर्मिया हो सकता है।
पवन कुमार
पवन कुमार