पडरौना। जिले में रसोई गैस की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले 40 दिनों से बेपटरी हुई गैस सिलिंडर की वितरण व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं लौट सकी है। जहां एक ओर आम उपभोक्ता एक-एक सिलिंडर के लिए गोदामों के चक्कर काट रहे हैं, वहीं कंपनियों ने शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए नए नियम लागू कर दिए हैं।
अब वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए कार्ड दिखाकर काॅमर्शियल सिलिंडर का आवेदन करना अनिवार्य होगा, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को बुकिंग के सप्ताह भर बाद भी डिलीवरी का इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल पा रहा है। गैस सिलिंडर वितरण व्यवस्था सुधरने की जगह दिन प्रतिदिन बेपटरी होती दिखाई दे रही है। जबकि कंपनियों व जिला प्रशासन का दावा है कि गैस की कोई कमी नहीं है। फिर भी सभी शर्तों को पूरा करने के बाद उपभोक्तओं को गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा है।
इंडेन, भारत पेट्रोलियम और एचपी के उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस बुकिंग के तुरंत बाद उनके मोबाइल पर ‘’शीघ्र डिलीवरी’’ का मैसेज तो आ जाता है, लेकिन हकीकत में एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी सिलिंडर घर नहीं पहुंच रहा है। ऑटोमेटिक मैसेजिंग सिस्टम और जमीन पर शून्य आपूर्ति के बीच तालमेल न होने से उपभोक्ता परेशान हैं।
गैस सिलिंडर आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश : सुकरौली। क्षेत्र में गैस एजेंसी संचालकों की मनमानी को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को राम प्रसाद इंडियन गैस एजेंसी पर क्षेत्र के उपभोक्ता दिलीप चौहान ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
आरोप है कि उन्होंने गैस सिलिंडर के लिए बुकिंग कराई थी, लेकिन अब तक डिलीवरी नहीं हुई। एजेंसी की ओर से लगातार फोन कर डीएसी नंबर मांगा जा रहा है, उन्हें गैस सिलिंडर मिला ही नहीं है। उपभोक्तओं ने प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।