फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: गन्ना, धान और केले की फसल को भारी क्षति

Sun, 05 Oct 2025 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
उजारनाथ क्षेत्र में गिरी गन्ने की फसल। संवाद 
विज्ञापन
पडरौना। तेज हवा और लगातार हुई मूसलाधार बारिश के चलते जिले के अलग-अलग इलाकों में खेतों में खड़ी केला, गन्ना और धान की फसलें प्रभावित हुईं है। पपीता, अदरक व हल्दी की फसलों को भी नुक्सान पहुंचा है। सबसे ज्यादा नुकसान केले की खेती से जुड़े किसानों को हुई है।
विज्ञापन

धान की फसल पककर कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन बारिश और आंधी ने उसे गिरा दिया। किसानों का कहना है कि गिरी हुई धान की बालियों में पानी भरने से अनाज की गुणवत्ता खराब हो जाएगी, जिससे बाजार में उचित दाम मिलना मुश्किल हो जाएगा। दूसरी ओर गन्ने की फसल भी झुक जाने से उसकी कटाई और पेराई प्रभावित होगी।
कृषि विभाग के अनुसार जिले में धान, गन्ना और केला की करीब 10 फीसदी फसल नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि विभाग की तरफ से अभी सर्वे कराया जा रहा है।
इस मौसम में कुशीनगर की उपजाऊ मिट्टी में गन्ना, धान और केला की भरपूर खेती होती है। मानसून के दौरान बारिश कम होने से किसान पहले ही परेशान थे। किसानों ने निजी सिंचाई साधन जैसे पंपसेट, ट्यूबवेल और डीजल इंजन के सहारे अपनी फसल को किसी तरह बचाए रखा, लेकिन शनिवार को हुई भारी बारिश और तेज हवा ने किसानों की कमर तोड़ दी। अब किसानों को डर है कि गिरी हुई फसलें सड़ जाएंगी, जिससे उनकी लागत भी नहीं निकल पाएगी। दुदही के दशहवा, बरवा पट्टी, रकबा वहीं खड्डा क्षेत्र में केले की बागानों में भी कई जगह पौधे टूटकर गिर गए हैं, जिससे बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पकड़ियार बाजार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में बारह घंटे की अनवरत बारिश से खेत अब वीरान-से दिखने लगे हैं। खेतों में पक कर तैयार धान की बालियां पानी में डूब गईं। सबसे ज्यादा नुकसान क्षेत्र की धान और गन्ने की फसलों को हुआ है। पक कर तैयार धान की फसल तेज हवाओं और बारिश के पानी के चलते खेतों में गिर गई है। रोहन ने बताया पहले समय से बारिश न होने से फसल प्रभावित थी, अब जो बची थी वह भी बर्बाद हो गई। कुंवर पटेल ने कहा कि ऋण लेकर खेती की थी, फसल अच्छी थी, लेकिन बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।
विज्ञापन

हमारी लागत भी डूब गई।बारिश और फसल नुकसान ने स्थानीय किसानों की चिंता बढ़ा दी है। नेबुआ नौरंगिया प्रतिनिधि के अनुसार आंधी और तेज बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते गन्ना, धान और केले की फसलें बर्बाद हो गई हैं। खेतों में लहलहा रही फसलें अब जमीन पर बिछी गई हैं। सुकरौली प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार को तेज हवा के साथ लगातार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के बेलही, बंचरा, बढया बुजुर्ग, महादनपुर सिहुलियां, अवरवां, खोट्ठा, बरसेना, अहिरौली आदि गांव के किसानों की खेतों में पानी भर गया है। इससे फसल सड़ने की आशंका बढ़ गई है। यदि अगले दो दिनों में मौसम साफ नहीं हुआ तो फसल में दाने काले पड़ने लगेंगे और उपज बर्बाद हो जाएगी। पैकौली लाला के किसान अजय प्रकाश मिश्र ने कहा कि धान की बालियां पकने के करीब हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें