- हड़ताल के बाद काम पर लौटे अभियंता और तकनीकी कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/कसया। बृहस्पतिवार की रात से चल रही बिजली कर्मचारियों की हड़ताल रविवार को दोपहर बाद स्थगित हो गई। अभियंता और तकनीकी कर्मचारी काम पर लौट, लेकिन इस दरम्यान बिजली समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो पाई। बिजली आने-जाने की वजह से लोगों को अंधेरे का सामना करना पड़ा। दुकान अंधेरे में ही अपना काम करते नजर आए तो दूसरी ओर गृहिणियों को भी अंधेरे में ही रसोई संभालनी पड़ी।
बृहस्पतिवार की रात दस बजे के बाद से ही बिजली निगम के अभियंता और तकनीकी कर्मचारी हड़ताल पर थे। शनिवार की रात डीएम ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और लापरवाही के आरोप में एक अधिशासी अभियंता सहित चार लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था, जबकि 167 विद्युतकर्मियों को बर्खास्त कर दिया था। दूसरी जगह से विद्युत कर्मियों को बुलाकर किसी तरह बिजली आपूर्ति बहाल की गई थी, लेकिन जहां फाल्ट, तार या पोल टूटने की समस्या थी, वहां की परेशानी दूर नहीं हो सकी।
बिजली रविवार को भी रह-रहकर आती-जाती रही। ऐसी दशा में व्यवसायियों और निजी एवं सरकारी दफ्तरों में काम करने के लिए मोमबत्ती अथवा जेनरेटर का सहारा लेना पड़ा। वही कुशीनगर के पर्यटन स्थली पर अंधेरा छाया रहा। जिससे पर्यटन व्यवसाय काफी प्रभावित रहा। व्यवसायियों ने बताया कि तीन दिनों से बिजली की हालत काफी दयनीय है। उन लोगों का व्यवसाय काफी चौपट रहा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली नहीं रहने से लोगों को विभिन्न तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। पडरौना नगर के उद्योग विभाग के परिसर में स्थित औद्योगिक इकाइयों में भी बिजली कर्मियों की हड़ताल का असर दिखा। कामकाज निपटाने के लिए जेनरेटर का सहारा लेना पड़ा।
नगरवासी कन्हैया, राकेश, राजू, ओमप्रकाश, टीके राय, प्रहलाद, अशोक, उपेंद्र, गौतम, संतोष मद्धेशिया, ओम प्रकाश, धनंजय मिश्र सहित अन्य ने बताया कि बिजली व्यवस्था चौपट होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। वह लोग किसी तरह से अपना काम चला रहे हैं। जब तक बिजली आपूर्ति पूर्ण रूप से संचालित नहीं होती है तब तक दुर्दशा होती रहेगी। इस संबंध में एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को करीब 90 प्रतिशत बिजली बहाल हो गई है। शनिवार को स्थिति काफी खराब रही। बनवाने के बाद भी कई बार फाल्ट होने से दिक्कत हुई थी। एडीएम देवी दयाल वर्मा ने बताया कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित हो गई है। वे काम पर लौट गए हैं।