विकास भवन सभागार में बैठक करते जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से जिला प्रशासन के अधिकारी व सी
पडरौना। विकास भवन सभागार में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें 22 फरवरी को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में आयोजित मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के बारे में विस्तार से जानकारी देकर इसको सफल बनाने की रणनीति बनाई गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रभात सिंह ने कहा कि प्रस्तावित मेगा/बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का उद्देश्य समाज के निर्बल एवं वंचित वर्गों दिव्यांगजन, महिलाएं, बच्चे, निर्धन वर्ग, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना है। इस शिविर में महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, निर्धन बीमा योजनाएं, असंगठित श्रम विभाग की योजनाएं, जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देने के साथ लोगों की विधिक जिज्ञासाओं का समाधान भी किया जाएगा। शिविर में विशेष मेडिकल कैम्प, दिव्यांगजनों में सहायक उपकरणों का वितरण और शासन के समस्त विभागों एवं बैंकों की तरफ से संचालित योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए शिविर में जिले के 40 से अधिक विभाग शामिल होंगे। सीडीओ बंदिता श्रीवास्तव ने मौजूद सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं का प्रचार-प्रसार ग्राम स्तर पर करने तथा लाभार्थियों को चिन्हित करने के साथ लघु शिविर लगाने केनिर्देश दिए।
इस दौरान जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार पांडेय, बीएसए डाॅ. रामजियावन मौर्या, डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी, पीडी पियुष कुमार सिंह, अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी श्रवण कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डाॅ. मेनका, डीपीओ एके दूबे, डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्ता, सीवीओ डाॅ. एके सिंह आदि मौजूद रहे।