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दो अफसरों की वेतन वृद्धि रोकी, तीन स्वास्थ्यकर्मी बर्खास्त

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रामपुर पट्टी में एएनएम से पूछताछ करते एडी हेल्थ डॉ जनार्दन त्रिपाठी। - फोटो : KUSHINAGAR
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दो अफसरों की वेतन वृद्धि रोकी, तीन स्वास्थ्यकर्मी बर्खास्त
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मुसहरों की मौत की जांच करने पहुंचे एडी और जेडी हेल्थ
दुदही/बरवापट्टी। क्षेत्र के रामपुर पट्टी गांव की मुसहर बस्ती में तीनों मुसहरों के मौत की जांच करने मंगलवार को एडी हेल्थ एवं जेडी हेल्थ सीएमओ के साथ पहुंचे। इन अफसरों ने पहले तो दुदही सीएचसी के लेबर रूम, लैब सहित अन्य कक्षों में चिकित्सा व्यवस्था का हाल जाना। उसके बाद पीड़ित मुसहर परिवारों से मिले। इस मामले में मंगलवार को डीटीओ और दुदही सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी की लापरवाही मानते हुए उनकी वेतनवृद्घि बाधित कर दी गई है, जबकि एएनएम, आशा और एसटीएस की सेवा समाप्त कर दी गई। तहसीलदार की जांच में एक क्लीनिक को सील कर दिया गया।
दस दिन के अंदर बुखार और पेट दर्द से तीन मुसहरों की मौत के मामले में मंगलवार को एडी हेल्थ डॉ. जनार्दन मणि त्रिपाठी और जेडी हेल्थ डॉ. बीएम राव सीएमओ डॉ. हरिचरण सिंह के साथ जांच करने दोपहर 12 बजे दुदही सीएचसी में पहुंचे। यहां पैथालॉजी एवं टीबी का जांच रजिस्टर और कार्ड को अवलोकन किए। उसके बाद लेबर रूम की जांच किए। कमियां मिलने पर सुधार लाने की हिदायत दी।
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उसके बाद रामपुरपट्टी गांव पहुंचे, जहां पंकज मुसहर, मनोज मुसहर की पांच वर्षीय पुत्री रीमा और वीपत मुसहर की मौत के मामले में उनके परिजनों से मिलकर बयान दर्ज किया। फिर एएनएम और आशा से करीब आधा घंटा तक पूछताछ की। उसके बाद ब्योरा अपने साथ लेकर चले गए। इधर, मुसहरों की मौत के मामले में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वीपी नरसरिया और दुदही सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय की लापरवाही मानते हुए उनकी एक साल की वेतनवृद्घि रोक दी है, जबकि संविदा पर कार्यरत गांव की एएनएम निधि तोमर, एसटीएस अमित पांडेय एवं आशा सुगांती देवी की सेवा समाप्त कर दी है। सीएमओ डॉ. हरिचरण सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि भी की।
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दूसरी ओर घटना के बाद दुदही सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय की तरफ से मुसहरों की मौत के मामले में खानगी बाजार के चिकित्सक विजय और गौरी श्रीराम के चिकित्सक विनोद को झोलाछाप बताते हुए विशुनपुरा थाने में जालसाजी, गैरइरादतन हत्या एवं इंडियन मेडिकल एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। उसके बाद मंगलवार को दिन के 11 बजे नायब तहसीलदार विकास सिंह के साथ प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय गौरीश्रीराम पहुंचे और विनोद का क्लिनिक सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद झोलाछाप संचालकों में भी हड़कंप मच गया है।
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