पडरौना। नौ दिनों तक नवरात्र का व्रत करने के बाद पारण में गरिष्ठ भोजन स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। यदि पारण के दौरान गरिष्ठ भोजन किए तो आप बीमार हो सकते हैं। इसलिए लोगों को पारण में हल्के और सुपाच्य भोजन लेना चाहिए।
मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर की आहार विशेषज्ञ अर्पिता सिंह ने बताया कि व्रत या उपवास के बाद तुरंत गरिष्ठ, तला-भुना या मसालेदार भोजन करना पाचन तंत्र के लिए हानिकारक है। इससे पेट दर्द, एसिडिटी, उल्टी या फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियां हो सकती हैं। लंबे समय तक खाली पेट रहने या फलाहार करने से चपापचय (मेटाबॉलिज्म) धीमा हो जाता है। इसलिए पारण हमेशा हल्का और सुपाच्य भोजन (जैसे खिचड़ी, मूंग दाल) से ही करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि फास्ट फूड, ज्यादा तेल-मसाले वाली सब्जियां, छोले-भटूरे, डीप फ्राइड फूड, कोल्ड ड्रिंक, फ्रिज का ठंडा पानी, या बहुत अधिक मात्रा में भोजन न करें। हल्का गर्म पानी पीएं, मूंग की दाल की खिचड़ी, दलिया, लौकी की सब्जी, फलों का रस, नारियल पानी या दही का सेवन करें। उन्होंने बताया कि व्रत के तुरंत बाद अधिक भूख लगने पर भी एक साथ पेट भर के न खाएं। धीरे-धीरे सामान्य भोजन पर लौटें।