जयकारों के साथ विसर्जित हुईं प्रतिमाएं
पडरौना। शारदीय नवरात्र के अवसर पर प्रशासन की तरफ से तय शर्तों के आधार पर जिले भर में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन कर दिया गया। कोरोना महामारी के चलते न कहीं जुलूस निकला और न ही प्रतिमाओं के साथ श्रद्धालुओं की अधिक संख्या रही। जयकारों के साथ जलाशयों, नहरों और नदियों में प्रतिमाओं का विसर्जन कराया गया। मेला पर पाबंदी होने के चलते कहीं दशहरा मेला नहीं लगा। अलबत्ता कुछ स्थानों पर कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए रावण के छोटे पुतले को प्रतीकात्मक के रूप में दहन किया गया।
शारदीय नवरात्र पर जिले में 869 पंडाल बने थे, जहां कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित कर सप्तमी के दिन से पूजा की जा रही थी। नवरात्र समाप्ति पर हवन के बाद परंपरागत तरीके से प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। हालांकि इस बार मूर्तियों के साथ किसी प्रकार का जुलूस या श्रद्धालुओं की टोलियां नहीं निकलीं। पुलिस प्रशासन शासनादेश का पालन कराने के लिए मुस्तैदी के साथ जुटा रहा। पडरौना नगर के छावनी महादेव मंदिर और पूर्वांचल बैंक के निकट दो पंडालों में प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। सुभाष चौक स्थित मशीनरी मार्केट, आलू मंडी सहित कई स्थानों पर छोटी प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। इनमें अधिकांश स्थानों की प्रतिमाएं जलाशयों व झरही नदी में विसर्जित कर दी गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पंडालों में स्थापित अधिकांश प्रतिमाएं विसर्जित कर दी गईं।
विजयादशमी पर जगह-जगह लगने वाला दशहरा मेला भी स्थगित रहा। उन स्थानों पर रावण के पुतले का दहन हुआ। पडरौना नगर के रामलीला मैदान में पारंपरिक तरीके से आयोजित होने वाला दशहरा मेला भी कोरोना महामारी को देखते हुए स्थगित कर दिया गया। सिर्फ परंपरा का निवर्हन करते हुए पडरौना के राज दरबार परिसर में रावण के छोटे से पुतले का दहन कर औपचारिकता निभाई गई, जहां रानी मोहिनी देवी, सरिता देवी, कुंवर अनिल प्रताप नारायण सिंह, आदित्य प्रताप नारायण सिंह, नीता सिंह, ऋषभ सिंह सहित राज परिवार के लोग तथा दरबार से ताल्लुक रखने वाले समशेर मल्ल, नवीज आलम, प्रिंस सिंह, डॉ. आशुतोष सिंह आदि ही उपस्थित रहे। रामकोला सहित जिले के अन्य स्थानों पर भी दशहरा मेला नहीं लगा। गुरवलिया बाजार प्रतिनिधि के अनुसार कोरोना महामारी के चलते सोंदिया बुजुर्ग, देवपोखर, दुमही आदि गांवों में दशहरा के अवसर पर आयोजित होने वाली कुश्ती भी नहीं हो सकी।