कप्तानगंज। कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के वकीलों ने बुधवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। लखनऊ में जिला कचहरी के पास बने चैंबर हटवाने के दौरान हुए लाठीचार्ज कर विरोध कर दोषी कर्मियों पर कार्रवाई समेत तीन सूत्री मांग की गई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष हीरा पांडेय व महामंत्री उमेश कुमार दूबे की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा कि लखनऊ में प्रशासन ने लाठीचार्ज कर उनके साथ बर्बरता की गई। इस तरह का कार्य निंदनीय है। अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम मोहम्मद जफर को सौंपते हुए अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम तत्काल प्रभाव से लागू करने, लखनऊ जिला के जिला बार को नया चैंबर आवंटित करने और घायल अधिवक्ताओं को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
इस दौरान रामप्रताप सिंह, मिर्जा एक्तदार हुसैन, विनोद कुमार मिश्रा, दिनेश कुमार राव, सुग्रीव सिंह, अरुण कुमार सिंह, शैलेश प्रताप सिंह, संजय सिंह, संजय पांडेय, सतीश चन्द गौड़, दारा यादव, राजन पांडेय आदि मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज निंदनीय
कसया। सपा अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष एडवोकेट उदयभान यादव ने लखनऊ में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर हमला बताते हुए कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं पर बल प्रयोग करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रदेश सरकार की बुलडोजर कार्रवाई को जनविरोधी बताया। कहा कि कानून व्यवस्था के नाम पर गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। न्यायालय की प्रक्रिया को दरकिनार कर की जा रही कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। किसान, मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवार सबसे अधिक परेशान हैं, लेकिन सरकार जनता की समस्याओं की अनदेखी कर केवल प्रचार में व्यस्त है।