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एपी बांध का स्पर धंसा, मकानों पर कटान का खतरा

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अहिरौलीदान में गण्डक के तेज बहाव से सहमे लोग। - फोटो : KUSHINAGAR
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एपी बांध का स्पर धंसा, मकानों पर कटान का खतरा
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जलस्तर कम होने पर बाढ़ खंड ने रोक दिया था काम
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। बृहस्पतिवार को गंडक नदी के डिस्चार्ज में हुई मामूली वृद्धि सेे अहिरौलीदान में एपी बांध के किमी 14 के सामने बना स्पर धंस गया। इससे एपी बांध के किनारे के मकानों पर भी कटान का खतरा बढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाढ़ खंड ने क्षतिग्रस्त स्पर की मरम्मत शुरू करा दी है।
अहिरौलीदान में एपी बांध के किमी 12 से किमी 14.500 के बीच स्थित नोनियापट्टी और खैरखुटा इस साल भी गंडक नदी की जद में आ गए हैं। पिछले दिनों इन दोनों गांवों में नदी ने भीषण तबाही मचाई थी। 10 से अधिक घर गंडक नदी में विलीन हो गए थे, जबकि 40-50 लोगों को अपने मकान तोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेने के लिए विवश होना पड़ा था। लेकिन डिस्चार्ज घटने के साथ ही बाढ़ खंड ने अहिरौलीदान में बचाव कार्यों को रोक दिया था। परंतु बृहस्पतिवार को डिस्चार्ज फिर बढ़कर 73100 क्यूसेक हो जाने से बांध के किनारे बसे शिवाजी सिंह, मजिस्टर पासवान, कमल सिंह, सकलदेव सिंह, रामायन सिंह, विक्रमा सिंह सहित 20-25 लोगों के घरों पर खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर बढ़ने के कारण किलोमीटर 14 पर स्थित स्पर भी धंस गया। बाढ़ खंड डिवीजन ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बचाव कार्य शुरू करा दिया है।
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इस क्षेत्र के संजय सिंह, शंकर सिंह, प्रहलाद राम, महादेव सिंह, अच्छेलाल बैठा, सुजीत यादव, मिथलेश गोड़, राजेश यादव आदि का कहना है कि अहिरौलीदान में बाढ़ व कटान का खतरा टला नहीं है। डिस्चार्ज बढ़ने पर कभी भी स्थिति बिगड़ सकती है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता एसके प्रियदर्शी का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। स्पर के क्षतिग्रस्त हिस्से में बचाव कार्य जारी है।
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