बाजार। बदायूं की सांसद व स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य ने सपा-भाजपा में हुई भिड़ंत के बाद फेसबुक लाइव के माध्यम से लगभग 17 मिनट का वीडियो साझा किया है। इससे खलबली मच गई। उन्होंने कई बार सीधे वोट की अपील की और कार्रवाई की भी।
दरअसल, संघमित्रा ने सबसे पहले वीडियो के माध्यम से अपने पिता पर हुए हमले में भाजपा के लोगों की साजिश बताया। वह बदायूं से भाजपा सांसद होते हुए भी पिता के लिए वोट की अपील कर गईं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नहीं छोडूंगी। पिता के साथ हुई इस घटना को लोकतंत्र पर हमला करार दिया। कहा कि भाजपा सांसद हूं। कार्यकर्ता भी हूं और भाजपा बहन-बेटियों की सुरक्षा की बात करती है, लेकिन यहां के लोगों ने एक बेटी पर हमला किया है।
...किस खेल और काला चिट्ठा की बात कर गईं संघमित्रा?
बात लोकतंत्र से खिलवाड़ की है। आज खुल के कहती हूं, आज तक सारे फर्ज निभाई। एक बेटी, तो एक कार्यकर्ता की भी। आज खुलकर कहती हूं और निवेदन भी करती हूं। कहा कि किसी के दया दृष्टि वाली सांसद नहीं हूं। मैं बदायूं के लोगों के आशीर्वाद रूपी वोट से चुनी गई हूं। न पार्टी छोडूंगी, न पद से इस्तीफा दूंगी, बल्कि कहूंगी कि राजनीति करने का मजा हमें अब आएगा। पहले पिताजी जी के लगाम की वजह से चुप रहती थी, अब पिताजी नहीं है। अब भाजपा में हम राजनीति करेंगे और शीर्ष नेतृत्व के सामने वो भी हम सुबूत के साथ रखेंगे, जो अब तक बदायूं में खेला होता रहा है।
चाहे वो 2019 के चुनाव में पार्टी के जिम्मेदार लोगों ने किया हो, चाहे किसी चुनाव में हुआ हो। चाहे 2022 के चुनाव में हुआ है, उसका काला चिट्ठा पूरे सुबूत के साथ है। आवश्यक होने पर शीर्ष नेतृत्व को रिकार्डिंग के साथ दिखाऊंगी और बताउंगी कि जो बीजेपी का हितैषी बताता है, पार्टी को बदनाम खुद करता है और आरोप संघमित्रा मौर्य पर लगाता है। उन्होंने कहा है कि जो लोग उन्हें दलबदलू कहते हैं, उनको भी जवाब दूंगी। अब चुप नहीं रहूंगी, क्योंकि आधी आबादी की ओर से चुनी गई नेता हूं।