तमकुहीराज। सामान्य परिवार में जन्मे मृत अनीस (55) जैसे-तैसे जीवन यापन के लिए आर्केस्ट्रा संचालित करता था। मेहनत मजदूरी कर तीनों बेटों पाला था, लेकिन शादी होने के बाद तीनों बेटे अलग-अलग अपने परिवार के साथ रहने लगे।
उम्मीद से इतर तीनों बेटे नशाखोरी व अन्य अनैतिक कार्यों में लिप्त हो गए। इन्हें घर-परिवार की जिम्मेदारियों से कोई खास मतलब नहीं रहता, जीविका संचालित करने के लिए ठोस रोजगार से दूर रहे। बेटों की ठीक हालत देख मृतक ने रोजगार के लिए एक पिकअप खरीदी और आर्केस्ट्रा का संचालन करने लगा, लेकिन आर्थिक तंगी दूर नहीं हो सकी।
आर्थिक परेशानियों से निजात पाने के लिए मृत अनीस ने कुछ माह पूर्व पुश्तैनी जमीन बेच दी। इससे मिले कुछ रुपये अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पास रखे, जबकि बाकी रकम तीनों पुत्रों में बांट दी थी।
इसके बाद अनीस ने फिर पुश्तैनी जमीन बेचीं। इस बार जमीन बेचने के बाद मिलने रुपयों में से किसी को हिस्सा नहीं दिया है।
इसी बात से नाराज तीन बेटों ने मंगलवार को गोल बंद हो क्रूरता पूर्वक घटना को अंजाम दिया और निर्मम तरीके से पिता की हत्या कर दी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक मृतक अनीस पुत्रों की हालत देख दुखी रहता था। आजीविका संचालन के लिए आर्केस्ट्रा का संचालन करने लगा। बताया जा रहा है कि इसी दौरान आर्केस्ट्रा में काम करने वाली एक नर्तकी से करीबी संबंध था।
इसके कारण तीनों बेटे पैतृक संपत्ति के लिए दबाव बनाते थे। तीनों बेटों में आपसी संबंध ठीक नहीं है। रुपये के लालच में कलयुगी पुत्रों एक साथ मिलकर पिता की की जान ली है।